Raj Babbar News: लखनऊ की MP-MLA कोर्ट ने कांग्रेस नेता राज बब्बर को 30 साल पुराने मारपीट मामले में बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है. कोर्ट ने 1996 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को खारिज कर उन्हें बरी कर दिया. आरोप में निचली अदालत ने उन्हें 2 साल की सजा सुनाई थी. राज बब्बर ने इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ बेंच में चुनौती दी थी, जिसके बाद अब कोर्ट ने सजा रद्द कर उन्हें दोषमुक्त करार दिया. राज बब्बर ने इसे लोकतंत्र और न्याय की जीत बताया है.
क्या था मामला?
यह मामला साल 1996 के लोकसभा चुनावों का है. उस समय लखनऊ सीट से बीजेपी की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी चुनाव लड़ रहे थे और उनके खिलाफ समाजवादी पार्टी ने पहली बार राज बब्बर को मैदान में उतारा था. वोटिंग के दिन 2 मई 1996 को लखनऊ के वजीरगंज क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग की शिकायतों को लेकर हंगामा हुआ था. ऐसा आरोप था कि तत्कालीन सपा प्रत्याशी राज बब्बर ने अपने साथियों के साथ मिलकर मतदान केंद्र में घुसकर चुनाव अधिकारियों के साथ मारपीट की. उन पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का आरोप था. इस मामले में मतदान अधिकारी श्री कृष्ण सिंह राणा ने वजीरगंज थाने में राज बब्बर, अरविंद यादव और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी.
सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज
इस झगड़े के बाद चुनाव अधिकारी ने वजीरगंज थाने में राज बब्बर के खिलाफ मारपीट और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया. मामला लखनऊ की MP/MLA कोर्ट में लंबित था.
निचली अदालत ने सुनाई थी सजा
7 मार्च 2020 को राज बब्बर के खिलाफ आरोप तय किए गए थे. सुनवाई के दौरान ही एक अन्य आरोपी अरविंद यादव की मौत हो गई थी. 7 जुलाई 2022 को लखनऊ की निचली अदालत ने राज बब्बर को दोषी मानते हुए उन्हें 2 साल के कारावास और 8,500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी.
अब कोर्ट का फैसला
विशेष अदालत की सजा के खिलाफ राज बब्बर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ बेंच में याचिका लगाई. कोर्ट ने माना कि साक्ष्यों के अभाव और परिस्थितियों को देखते हुए सजा बरकरार नहीं रखी जा सकती, जिसके बाद उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया गया.
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