BSEH की 12वीं के एग्जाम के समय दो सेंटरों पर खुलेआम चीटिंग कराने का मामला सामने आया है. इस मामले के बाद से पूरे शिक्षा विभाग और प्रशासन में तहलका मचा हुआ है. इस पूरे मामले का खुलासा चेयरमैन की स्पेशल रैपिड एक्शन फोर्स की जांच में किया गया है. हालांकि, शर्मनाक बात तो यह हैं कि चीटिंग कराने में केवल बच्चे ही नहीं बल्कि टीचर से लेकर पुलिस और सभी बड़े अधिकारी शामिल है.
दरअसल, इस मामले में कई सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए है, जिसने परीक्षा व्यवस्था पर कड़ा तमाचा मारा है. बता दें कि फरवरी के महीने में 12वीं की परीक्षा हुई थी. जांच में मिले सीसीटीवी फुटेज से सामने आया है कि सेंटप सुपरिंटेंडेंट से लेकर महिला टीचर भी बच्चों को पर्ची देने में लगी हुई है. सभी मिलकर बच्चों को नकल करने में मदद करते दिखाई दे रहे हैं.
सबसे चौंकाने वाली बात तो यह हैं कि कैमरा को चीटिंग के लिए नहीं बल्कि चीटिंग करते हुए पकड़े जाने पर ढाल की तरह यूज करने के लिए प्रयोग किया जा रहा था. यानी की फ्लाइंग टीम जैसे ही सेंटर पर पहुंचती वहां मौजूद बच्चे बिल्कुल सलीके से बैठ जाते. साथ ही कैमरे भी पूरी तरीके से स्वस्थ मिलते.
हालांकि, सीसीटीवी की गहराई से जांच करने के बाद में पता लगा कि कैमरा अपने आप नहीं बल्कि उसे जानकर बंद कर दिया जाता था. जांच में सामने आया है कि इस नकल में केवल एक दो व्यक्ति का नहीं बल्कि शिक्षा विभाग के कई अधिकारी भी शामिल हो सके हैं. सबूतों के आधार पर RAF टीम परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रही है. साथ ही अधिकारियों और पुलिस कर्मियों के ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है.
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