13 अप्रैल दिन सोमवार को नोएडा में वेतन बढ़ोतरी के लिए हो रहे श्रमिक आंदोलन में उग्रता देखने को मिल रही है. मजदूर पुलिस वैन को तोड़ते और गाड़ियों में आग लगाते दिखाई दिए. वहीं, पुलिस हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले दाग रही है. आंदोलन ग्रेटर नोएडा के फेस-2 में होजरी कॉम्प्लेक्स डी ब्लॉक में हो रहा है , जिसमें आज सुबह से तनाव देखने को मिल रहा है.
बता दें कि इस आंदोलन की शुरूआत पहले गुरूग्राम से हुई थी. हालांकि, उस समय यह आंदोलन काफी शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा था. हालात में तनाव तब देखने को मिले जब यह आंदोलन नोएडा फेज-2 में इकट्ठा होकर किया जाने लगा. आंदोलन करने वाले सड़क को जाम करते दिखाई दिए. अचानक ही लेकिन कुछ कर्मचारी बेकाबू हो गए. उन्होंने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया, जिसके बाद पूरा माहौल बिगड़ते चला गया.
कर्मचारी 5 दिनों से प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं. पुलिस ने समझाने के कई प्रयाग किए, लेकिन प्रदर्शनकारी अपने जिद पर अड़े दिखाई दिए. धीरे-धीरे माहौल तनावपूर्ण हुआ और पुलिस की गाड़ियों के साथ में तोड़फोड़ शुरू की जाने लगी. पुलिस ने ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जब लाठीचार्ज किया तो मामला और ज्यादा खराब होते दिखाई दिया. मजबूरी में पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागने पड़े. सामान्य यात्रियों को इस प्रदर्शन के कारण काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पुलिस ने रूट डायवर्जन भी करवाया है.
प्रदर्शनकारियों की मांग
मजदूरों को कहना हैं कि महंगाई के बीच में उनके वेतन में इजाफा करना चाहिए.
ओवरटाइम का पैसा दोगुना मिले.
काम का टाइम फिक्स हो.
ज्यादा काम का लोड न दिया जाए.
हफ्ते में एक दिन का अवकाश.
समय पर सैलरी अकाउंट में आए.
न्यूनतम सैलरी 26000 रुपये प्रतिमाह की जाए.
प्रदर्शकारियों का आरोप
कर्मचारियों का कहना हैं कि अभी के समय में बहुत से काम करने वाले लोगों को केवल ज्यादा से ज्यादा 500 से 700 रुपये तक की मजदूरी दी जाती है. ओवरटाइम के पैसे भी सही से नहीं दिए जाते. पैसे कम और काम 10 से 12 घंटे तक करवाया जाता है. न तो समय पर छुट्टी मिलती है न तो बोनस दिया जाता है.
बता दें कि फेस-2 में मौजूद होजरी कॉम्प्लेक्स और ईकोटेक थर्ड के औद्योगिक विहार, दोनों क्षेत्रों में 100 से भी अधिक कंपनियां चलती है. जानकारी के अनुसार 500 से भी अधिक कंपनियों के कर्मचारी इस आंदोलन से जुड़े हुए है.
समस्या के समाधान के लिए आगे आई गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कर्मचारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है. वहीं, इनकी समस्या का समाधान करने के लिए 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम तक स्थापित किया गया है. शिकायत पर प्रशासन द्वारा तुरंत कार्रवाई की बात भी की गई है, लेकिन फिर भी प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं. जिलाअधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि कुछ ही दिन पहले श्रमिकों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच में बातचीत की गई थी, जहां पर ओवरटाइम में दोगुना पैसा देने और सैलरी समय पर मिलने वाली बात पर निर्देश जारी किए गए है. हालांकि, श्रमिक तब भी प्रदर्शन करते दिखाई दिए.
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