Admiral dinesh tripathi operation sindoor: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने खुलासा किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय नौसेना पाकिस्तान पर भीषण समुद्री हमले के लिए पूरी तरह तैयार थी और कार्रवाई शुरू होने में कुछ ही मिनट बचे थे. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के अनुरोध और कूटनीतिक हस्तक्षेप के बाद ही स्थिति को और बिगड़ने से रोका गया, जबकि भारतीय वायुसेना ने पहले ही 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था.

Admiral dinesh tripathi operation sindoor: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के दौरान हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. भारतीय नौसेना प्रमुख Admiral Dinesh K Tripathi ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय नौसेना पाकिस्तान पर समुद्र से हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार थी. उन्होंने कहा कि नौसेना कार्रवाई शुरू करने से सिर्फ कुछ मिनट दूर थी. लेकिन उसी समय पाकिस्तान की ओर से सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया गया. इसके बाद हालात को और ज्यादा बिगड़ने से रोकने की कोशिश की गई.
यह जानकारी मुंबई में आयोजित एक नेवल इन्वेस्टिचर समारोह के दौरान दी गई. इस कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख ने ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाने वाले दो वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मानित भी किया. उन्हें ‘युद्ध सेवा मेडल’ दिया गया. नौसेना प्रमुख ने कहा कि उस समय भारतीय नौसेना पूरी तरह सतर्क थी. समुद्र में तैनात जहाज और सैनिक किसी भी आदेश के लिए तैयार थे. अगर हालात बिगड़ते तो समुद्री मोर्चे से भी बड़ी कार्रवाई हो सकती थी.
दरअसल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत जम्मू-कश्मीर के Pahalgam में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी. इस हमले के बाद भारत ने सख्त जवाब देने का फैसला किया. 6 और 7 मई की रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमला किया. इन हमलों का मकसद आतंकियों के लॉन्चपैड और हथियारों के ठिकानों को खत्म करना था. इस कार्रवाई से आतंकियों के कई ठिकाने तबाह हो गए.
भारत की इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी जवाब देने की कोशिश की. उसने भारतीय सैन्य ठिकानों और कुछ रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की. लेकिन भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को नाकाम कर दिया. इसके बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने भी पलटवार किया. इस दौरान कई आतंकी ठिकानों और पाकिस्तानी एयरबेसों को भारी नुकसान पहुंचाया गया. इससे पाकिस्तान पर दबाव काफी बढ़ गया था.
नौसेना प्रमुख ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर भी चिंता जताई. उन्होंने बताया कि Strait of Hormuz इलाके में अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष का असर समुद्री व्यापार पर पड़ रहा है. इस क्षेत्र में अब तक 20 से ज्यादा व्यापारी जहाजों पर हमले हो चुके हैं. करीब 1900 जहाज इस तनाव के कारण फंसे हुए हैं. पहले जहां रोज लगभग 130 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, अब यह संख्या घटकर सिर्फ 6 से 7 रह गई है. इससे वैश्विक व्यापार पर भी असर पड़ने लगा है.
