Lucknow News: भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 8वीं पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को राजधानी लखनऊ में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिनभर विभिन्न श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में शामिल होकर पूर्व प्रधानमंत्री को नमन करेंगे.
सीएम योगी के कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 9:45 बजे लोक भवन पहुंचकर अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. इसके बाद सुबह 10:00 बजे वे स्वाधीनता संग्राम सेनानी और महान वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.
श्रद्धांजलि सभा में भी शामिल होंगे सीएम योगी
शाम 5:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अटल बिहारी वाजपेयी की 8वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भी शामिल होंगे. इस अवसर पर पंडित अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल फाउंडेशन के तत्वावधान में ‘अटल स्मृति संध्या’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे.
कवि अशोक चक्रधर का एकल काव्य पाठ
अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर केजीएमयू में होने वाली संध्या में पद्मश्री, वरिष्ठ साहित्यकार अशोक चक्रधर का एकल काव्य पाठ भी होगा.इसमें केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री/ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल समेत सरकार-संगठन के शीर्षस्थ पदाधिकारी, कार्यकर्ता व आमजन भी रहेंगे.आयोजन के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया जाएगा. राजधानी लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही उनकी विचारधारा और मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का भी माध्यम बनेगा.
कौन थे अटल बिहारी वाजपेयी?
अटल बिहारी वाजपेयी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर राजनेता, ओजस्वी वक्ता और संवेदनशील कवि के रूप में देशभर में सम्मानित रहे. उनका जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था. भारतीय राजनीति में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और वे देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं जिन्हें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का समान सम्मान प्राप्त था. वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने। उनके नेतृत्व में वर्ष 1998 में पोखरण-II परमाणु परीक्षण किया गया, जिसने भारत की सामरिक शक्ति को नई पहचान दिलाई। इसके अलावा स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम और कई आर्थिक सुधारों की शुरुआत भी उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में गिनी जाती है. अपनी प्रभावशाली भाषण शैली, लोकतांत्रिक सोच और संसदीय मर्यादाओं के प्रति सम्मान के कारण अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति में एक अलग पहचान रखते थे. उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2015 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया. 16 अगस्त 2018 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी विचारधारा, नेतृत्व क्षमता और कविताएं आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं.
