उत्तर प्रदेश के अयोध्या में मछली भोज का विवाद गहराता जा रहा है. हालांकि इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि मैं तो बस कार्यक्रम में शामिल होने आया था. मछली खिलाने का कार्यक्रम निषाद समाज का था. बीजेपी भी लगातार हमलवार है.
Ayodhya Fish Feast Controversy: अयोध्या आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं से संवाद करने के लिए अयोध्या पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह का कार्यकर्ता सम्मेलन चर्चा का केंद्र रहा. अयोध्या पहुंचने पर सबसे पहले जहां एक तरफ अजय राय और अखिलेश प्रताप सिंह ने हनुमानगढ़ी मंदिर और राम जन्मभूमि में दर्शन पूजन किया और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया. वहीं दूसरी तरफ कार्यक्रम स्थल गोसाईगंज विधानसभा के तारुन क्षेत्र पहुंचने पर कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान स्थितियां बिल्कुल उलट नज़र आई.
हालांकि इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि मैं तो बस कार्यक्रम में शामिल होने आया था. मछली खिलाने का कार्यक्रम निषाद समाज का था. बीजेपी निषाद समाज को अपमानित कर रही है. निषाद समाज बीजेपी को कभी माफ नहीं करेगी. योगी मेरी फोटो दिखाएं, अभी मैं इस्तीफा दूंगा.
सावन हो या भादो इससे मतलब नहीं-राम निहाल निषाद
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत में मछली भोज के मामले पर कार्यक्रम के आयोजन कांग्रेस नेता राम निहाल निषाद ने कहा कि मछली पकड़ना मछली खाना निषाद समुदाय का अधिकार है, उसका हक है, सावन हो या भादो इससे मतलब नहीं, पत्रकारों पर ठीकरा फोड़ते हुए उन्होंने कहा कि आप लोगों को हमारे भोजन पर प्रश्न पूछने का अधिकार नहीं है, हम निषाद समुदाय से आते हैं मछली पकड़ना मछली खाना हमारा अधिकार है, दरअसल कांग्रेस नेता राम निहाल निषाद कुछ ही दिन पूर्व भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हुए और सियासी ताकत दिखाने के लिए आज उनका यह पहला कार्यक्रम था जो गोसाईगंज विधानसभा के तारुन में संपन्न हुआ और सावन के पवित्र माह मे मछली भोज के चलते विवाद का चर्चा बना रहा।
एक तरफ कार्यक्रम स्थल पर मंच से अजय राय और अखिलेश प्रताप सिंह कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर नसीहत दे रहे थे,वहीं दूसरी तरफ आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बेहद पवित्र सावन की एकादशी के दिन कार्यक्रम स्थल के बगल ही बावर्ची कार्यक्रम में आए हुए कार्यकर्ताओं के लिए मांसाहार के रूप में मछली फ्राई कर रहे थे. सूत्रों की मानें तो एक कुंतल से अधिक की मात्रा में मछली कार्यकर्ताओं की आव भगत के लिए मंगाई गई थी और धडल्ले से उन्हें पकाया जा रहा था. जैसे ही कार्यक्रम समाप्त हुआ कार्यकर्ताओं के बीच मांसाहार के रूप में मछली फ्राई व्यंजन परोस गया.
ब्रजेश पाठक (डिप्टी सीएम, उत्तर प्रदेश)
“यह बहुत दुखद है। अयोध्या धाम हमारा पवित्र स्थान है, भगवान राम का धाम है, और वहां ऐसी दावत का आयोजन करना, खासकर सावन के पवित्र महीने में, कांग्रेस पार्टी की संस्कृति को दर्शाता है।”
महंत सीताराम दास ने की आलोचना
इस पूरे मामले को लेकर अयोध्या के साकेत भवन मंदिर के महान सीताराम दास ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि निश्चित रूप से हिंदू धर्म सनातन धर्म का अपमान है. सावन के पवित्र महीने में इस तरह से मांसाहार का सार्वजनिक प्रयोग कांग्रेस की सोच को दर्शाता है हम इसकी निंदा करते हैं.
वहीं इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पर तीखा हमला बोला है. भाजपा के महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय काफी दिनों से अयोध्या में जमीन तलाश रहे है. और बार-बार अयोध्या आ रहे हैं.अयोध्या एक पवित्र नगरी है इसकी शास्त्रीय सीमा में इस तरह का कृत्य करना निंदनीय है. हम इस पूरे आयोजन की घोर निंदा करते हैं.
आपको बताते चलें कि सावन के मास में आध्यात्मिक दृष्टि से मांसाहार का प्रयोग वर्जित माना जाता है वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए और जलीय जीवों को संरक्षित करने के लिए बरसात के महीना में मछलियों के शिकार पर प्रतिबंध है अयोध्या जिला प्रशासन ने भी जिला अधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर 2 जून को एक पब्लिक नोटिस भी जारी की है जिसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि 31 अगस्त तक मछलियों के शिकार पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा बावजूद इसके इतने बड़े पैमाने पर कार्यकर्ताओं द्वारा मछली पार्टी किए जाने को लेकर कांग्रेस ने विपक्षी दलों को एक बड़ा मौका दे दिया है.
