अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं. रामभक्तों के चढ़ावे की दानपात्र से लेकर गणना कक्ष तक हर चरण की वीडियोग्राफी की जा रही है. दान व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए ट्रस्ट ने 25 जुलाई से एक नई और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू कर दी है. अब रामभक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान को दानपात्र से निकालने से लेकर उसकी गिनती (गणना कक्ष) तक की पूरी प्रक्रिया की हाई-टेक वीडियोग्राफी कराई जा रही है.
पल-पल की गतिविधि हो रही रिकॉर्ड
नई व्यवस्था के तहत ट्रस्ट ने दो पेशेवर वीडियोग्राफरों को तैनात किया है. ये वीडियोग्राफर 360 डिग्री और अत्याधुनिक एसएलआर (SLR) कैमरों से पल-पल की गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं. इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए 8 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें दो बैंक अधिकारी (SBI), दो ट्रस्ट प्रतिनिधि और दो एसआईएस (SIS) सुरक्षा कर्मी शामिल हैं.
एक साथ खाली नहीं होंगे दानपात्र
मंदिर परिसर में स्थापित लगभग 40 दानपात्रों को अब एक साथ खाली नहीं किया जाएगा, बल्कि इन्हें अलग-अलग दिनों में खाली करने की योजना बनाई गई है. गणना कक्ष से खाली बक्सा ले जाने, दान राशि को उसमें भरने और फिर सीलबंद बक्से को वापस लाने तक का पूरा सफर कैमरों की पैनी नजर में होगा. दान से भरा बक्सा गणना कक्ष पहुंचने के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों की मौजूदगी में नियमानुसार सील किया जा रहा है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित एसआईटी की जांच का सामना कर रहे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा करीब एक माह तक सार्वजनिक गतिविधियों से दूर रहने के बाद एक बार फिर सक्रिय दिखाई देने लगे हैं. पिछले एक सप्ताह के दौरान उन्होंने कई सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया है. साथ ही रामनगरी के प्रमुख संतों और धर्माचार्यों से उनकी मुलाकातों का सिलसिला भी तेज हुआ है.
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