Bandi sanjay kumar son bhagirath pocso case: तेलंगाना में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे भगीरथ के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसे मंत्री ने प्रधानमंत्री की रैली से पहले एक राजनीतिक साजिश बताया है. भगीरथ का आरोप है कि लड़की के परिवार ने शादी का दबाव बनाकर उनसे 5 करोड़ रुपये वसूलने की कोशिश की और मना करने पर उन्हें झूठे केस में फंसाया गया है.

Bandi sanjay kumar son bhagirath pocso case: तेलंगाना की राजनीति में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे भगीरथ के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया. आरोप है कि एक नाबालिग लड़की के साथ गलत व्यवहार किया गया. इस खबर के सामने आते ही राज्य की राजनीति गरमा गई. हालांकि भगीरथ ने सभी आरोपों को गलत बताया है. उनका कहना है कि यह मामला ब्लैकमेलिंग और पैसे वसूलने की कोशिश से जुड़ा है. वहीं विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और बीजेपी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर काफी चर्चा हो रही है.
लड़की की मां का कहना है कि उनकी बेटी और भगीरथ के बीच पिछले कई महीनों से जान पहचान थी. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान उनकी बेटी का शोषण किया गया. पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच करीब सात से आठ महीने से संपर्क था. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. दूसरी तरफ भगीरथ ने भी करीमनगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने कहा कि लड़की और उसका परिवार उनके करीब आ गया था. कई पारिवारिक कार्यक्रमों और दोस्तों की पार्टियों में उन्हें बुलाया गया. इसके बाद मामला धीरे-धीरे विवाद में बदल गया.
भगीरथ का आरोप है कि लड़की के परिवार ने उन पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया था. जब उन्होंने शादी से इनकार किया, तब परिवार की तरफ से पैसे मांगे गए. उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि पहले डर की वजह से उन्होंने 50 हजार रुपये दिए थे. बाद में उनसे पांच करोड़ रुपये की मांग की गई. भगीरथ ने दावा किया कि पैसे नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लड़की की मां आत्महत्या की धमकी देकर दबाव बना रही थी. अब पुलिस दोनों पक्षों की बात सुनकर जांच आगे बढ़ा रही है.
इस पूरे विवाद पर केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक साजिश है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हैदराबाद रैली से ठीक पहले उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा कानून और संविधान का सम्मान किया है. संजय कुमार ने कहा कि उनके परिवार को राजनीति में घसीटना गलत है. उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताया और कहा कि सच्चाई जल्द सामने आएगी. उनके मुताबिक कुछ लोग एक पिछड़े वर्ग के नेता की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान हैं.
वहीं विपक्षी पार्टी बीआरएस ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. बीआरएस नेता केटी रामा राव ने पूछा कि बेटी बचाओ का नारा अब कहां गया. उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. विपक्ष का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए. फिलहाल यह मामला राजनीति और कानून दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में कई नए खुलासे हो सकते हैं.
