Titan share price history: टाइटन कंपनी के शेयर ने पिछले दो दशकों में निवेशकों को असाधारण रिटर्न दिया है, जहां 2002 में किया गया 5000 रुपये का निवेश आज बोनस और स्टॉक स्प्लिट की मदद से 15 रुपये करोड़ से ज्यादा हो चुका है. टाटा ग्रुप की यह कंपनी अब 4 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ शेयर बाजार के सबसे सफल उदाहरणों में शुमार है.

Titan share price history: टाइटन कंपनी का नाम आज देश की बड़ी कंपनियों में लिया जाता है. लेकिन एक समय ऐसा भी था जब इसके शेयर की कीमत सिर्फ कुछ रुपये हुआ करती थी. साल 2002 में कंपनी ने टाइटन एज नाम की बेहद पतली घड़ी लॉन्च की थी. उस समय यह घड़ी काफी चर्चा में रही थी.
कंपनी ने इसे दुनिया की सबसे पतली घड़ी बताकर गिनीज बुक रिकॉर्ड के लिए भी भेजा था. उस दौर में टाइटन एज की कीमत करीब 5000 रुपये थी. लेकिन अगर किसी ने उसी समय घड़ी खरीदने के बजाय कंपनी के शेयर खरीद लिए होते, तो आज उसकी कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती थी.
साल 2002 में टाइटन के एक शेयर की कीमत करीब 3 रुपये के आसपास थी. अगर किसी निवेशक ने उस समय सिर्फ 5000 रुपये लगाए होते, तो उसे लगभग 1666 शेयर मिल जाते. बाद में कंपनी ने बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट भी दिया. पहले हर एक शेयर पर एक बोनस शेयर मिला.
इसके बाद कंपनी ने 1 के बदले 10 शेयर का स्टॉक स्प्लिट किया. इस तरह 1666 शेयर बढ़कर 33 हजार 320 शेयर हो गए. आज अगर एक शेयर की कीमत करीब 4600 रुपये मानी जाए, तो इन शेयरों की कुल कीमत लगभग 15.32 करोड़ रुपये हो जाती है.
टाइटन कंपनी की शुरुआत साल 1984 में हुई थी. यह टाटा ग्रुप और तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का संयुक्त उपक्रम था. शुरुआत में कंपनी सिर्फ घड़ियों का कारोबार करती थी. धीरे-धीरे कंपनी ने बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना ली.
इसके बाद टाइटन ने ज्वेलरी, परफ्यूम और साड़ी जैसे दूसरे कारोबार में भी कदम रखा. कंपनी के विस्तार के साथ इसके शेयरों में भी तेजी देखने को मिली. निवेशकों को लंबे समय में शानदार रिटर्न मिला.
दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला भी टाइटन के बड़े निवेशकों में शामिल थे. यह उनका पसंदीदा शेयर माना जाता था. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने साल 2003 में कंपनी के करीब 10 लाख शेयर खरीदे थे. बाद में उन्होंने अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ाई.
आज भी उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला के पास कंपनी की बड़ी हिस्सेदारी मौजूद है. शेयर बाजार में टाइटन को लंबे समय तक मजबूत प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में गिना जाता है.
टाइटन के शेयर ने पिछले दो दशकों में निवेशकों को जबरदस्त फायदा पहुंचाया है. साल 2005 तक शेयर करीब 25 रुपये पहुंच गया था. फिर 2010 तक इसकी कीमत 170 रुपये हो गई. साल 2020 तक यह 1500 रुपये के स्तर पर पहुंच चुका था.
अब यह शेयर 52 हफ्ते के उच्च स्तर के करीब 4600 रुपये तक पहुंच गया है. शुक्रवार को इसमें करीब 5 प्रतिशत की तेजी भी देखने को मिली. कंपनी का बाजार पूंजीकरण अब 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है. यही वजह है कि टाइटन को शेयर बाजार के सबसे सफल निवेश उदाहरणों में गिना जाता है.
