20 जुलाई के दिन जंतर-मंतर में छात्रों के ऊपर हुए लाठीचार्ज के विरोध में अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. सबसे ज्यादा उग्र प्रदर्शन लेकिन बिहार में देखने को मिल रहा है, जिसके बाद 25 जुलाई को छात्रों ने बिहार बंद का आह्वान दे दिया है. छात्रों ने इस बंद का आह्वान जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज, पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के कारण किया है.
क्या-क्या मांगे रखी बिहार के युवाओं ने
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को रद्द करना
गिरफ्तार छात्रों की रिहाई
प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक को वापस लेना
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता को खत्म करना
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 को वापस से लागू करना
इसके अलावा भी बिहार के युवाओं की मांग है.
संभावना जताई जा रही है कि 24 जुलाई को फिर से पटना में बवाल हो सकता है. छात्रों का प्रदर्शन उग्र रूप ले सकता है. अलग-अलग छात्र संगठनों के इस प्रदर्शन में उतरने के चांसेस है. छात्र सड़कों पर उतर कर इस्तीफे की डिमांड करने वाले हैं. 22 जुलाई के दिन हुए बवाल के बाद में फिर से विरोध प्रदर्शन हो सकता है. कई पोस्टर भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें नेताओं के खिलाफ अभद्र शब्द प्रयोग हो रहे हैं.
20 जुलाई को हुआ ये
दरअसल, 20 जुलाई दिन सोमवार को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हुई थी. यह भीड़ संसद चलो मार्च के लिए थी. सभी लोग संसद की ओर बढ़ रहे थे. पुलिस ने बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसके कारण हर राज्य के लोगों ने इस कार्रवाई के खिलाफ अपने-अपने शहरों में प्रदर्शन शुरू कर दिया. बिहार, महाराष्ट्र और पंजाब में काफी उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं. बिहार मे हालात पुलिस के हाथों से जाते दिखाई दी रही है. इसी कारण से सरकार ने सख्ती बरतने का फैसला लिया है.
