cjp demands accepted: सरकार द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और केस वापसी समेत मुख्य मांगों पर सहमति के बाद सीजेपी ने दिल्ली में चल रहा अपना आंदोलन वापस ले लिया है.

cjp demands accepted: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है. सरकार और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर की लंबी बातचीत हुई. इसमें छात्रों और संगठन की सभी मुख्य मांगों पर सहमति बन गई. सीजेपी की तीन सबसे प्रमुख मांगें थीं. पहली- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पद से इस्तीफा. दूसरी- प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे और एफआईआर वापस लेना. तीसरी- नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना. इन पर सहमति बनने के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया.
तीन दौर की वार्ता और समझौता
इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए सरकार और संगठन के बीच लगातार बैठकें हुईं. सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद रहे. वहीं सीजेपी की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका ने पक्ष रखा. बैठक के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने आधिकारिक घोषणा की. उन्होंने कहा कि संगठन सद्भावना के साथ अपना आंदोलन वापस ले रहा है. यह आंदोलन बीते 6 जून से लगातार चल रहा था. सीजेपी ने उम्मीद जताई है कि सरकार अपनी तय समयसीमा के भीतर सभी वादे पूरे करेगी.
केस वापसी और लिखित आश्वासन
आंदोलन के दौरान छात्रों और आयोजकों पर कई मामले दर्ज हुए थे. सरकार अब इन सभी एफआईआर को कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लेगी. यह फैसला केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा. भाजपा और सहयोगी दलों के शासन वाले अन्य राज्यों में दर्ज केस भी रद्द किए जाएंगे. दिल्ली में करीब 15 से 20 एफआईआर दर्ज की गई थीं. सरकार इनकी कॉपियां 3 से 4 दिनों में उपलब्ध कराएगी. सीजेपी ने इस पर लिखित गारंटी मांगी थी. सरकार ने मंगलवार तक लिखित आश्वासन देने का भरोसा दिया है.
शिक्षा सुधारों के लिए 5 सूत्रीय चार्टर
आंदोलन खत्म करने के साथ ही सीजेपी ने परीक्षा प्रणाली में बदलाव का मुद्दा भी उठाया. संगठन ने देश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 5 सूत्रीय चार्टर सरकार को सौंपा है. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि सरकार इस चार्टर का गहराई से अध्ययन करेगी. इसके बाद सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल के साथ फिर से विस्तृत चर्चा होगी. सूत्रों की मानें तो शिक्षा सुधारों के इस अहम मुद्दे पर अगले चार हफ्तों के भीतर अगली बैठक आयोजित की जा सकती है.
पीड़ित परिवारों को मुआवजे का भरोसा
नीट पेपर लीक मामले से आहत होकर कई अभ्यर्थियों ने अपनी जान गंवा दी थी. सीजेपी ने इन पीड़ित परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये के मुआवजे की सख्त मांग रखी थी. वार्ता के दौरान सरकार ने इस मानवीय मुद्दे पर भी सकारात्मक रुख दिखाया. सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार ने नियमों के तहत पीड़ित परिवारों को अधिकतम संभव सम्मानजनक आर्थिक मदद देने की बात स्वीकार की है. सभी मुख्य मांगों पर लिखित और मौखिक भरोसा मिलने के बाद ही छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया.
