हाल ही में मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत तरबूज खाने के कारण हो गई है. बता दें कि एक पूरा परिवार रात में रिश्तेदारों के साथ में पार्टी करता था. पार्टी करने के बाद में जब सभी लोग चले जाते हैं, तो परिवार तरबूज खाने के लिए निकालता है. हालांकि, एक तरबूज उन सभी की मौत की वजह बन जाएगा किसी ने भी नहीं सोचा था. दरअसल, अचानक ही बिरयानी के बाद तरबूज खाने से उनकी तबियत खराब हो गई, जिसके बाद अस्पताल में सभी लोगों को भर्ती कराया गया. हालांकि, इलाज के दौरान वहां चारों लोगों की मौत हो गई.
मौत तरबूज और बिरयानी खाने से
शुरुआती जांच में सामने आया कि परिवार के चारों सदस्यों की मौत तरबूज और बिरयानी खाने के बाद से हुई है. इसी कारण से जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के जारी किए निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान चालू किया गया है, जिसके बाद बाराबंकी के हैदरगढ़, नवाबगंज, फतेहपुर और रामसनेहीघाट क्षेत्रों में एसडीएम और संयुक्त मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने मीट की दुकानों पर छापेमारी की.
इस छापेमारी में कई मीट की दुकानों को तुरंत कार्रवाई कर बंद किया गया. दरअसल, 19 में से करीब 9 दुकानें बिना किसी लाइसेंस के चल रही थी. साथ ही उनमें गंदगी भी देखने को मिली थी. विभाग ने मीट दुकानों के चालकों को चेतावनी दी कि अगर कोई भी असुरक्षित मीट बेचता हुआ दिखाई दिया. तो उसपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
तरबूज बेचने वाले लोगों पर लिया एक्शन
वहीं, दूसरी तरफ लोगों के बीच में तरबूज को लेकर भी काफी चर्चा देखने को मिल रही है. परिवार की मौत के बाद में सोशल मीडिया पर तरबूज को लेकर कई अफवाहें देखने को मिली है. इसी वजह से विभाग ने शहर के फल बाजार में जांच की ताकि जनता के मन में फलों को लेकर उठ रहे सवालों को खत्म किया जा सके. हालांकि, जांच में तरबूजों में किसी तरह के इंजेक्शन और कृत्रिम रंग के होने की पुष्टि नहीं हुई है.
खाद्य विभाग ने लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने कि बात की है. साथ ही फलों और तरबूजों को सही जगह से खरीदने की बात की है. प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अफवाह फैलाने और दुकानों में गंदगी से खाद्य पदार्थों को बेचने वालों के खिलाफ में कार्रवाई की जाएगी.
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