उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से पुलिस की लापरवाही की मामला सामने आया है. दरअसल, यहां पर एक व्यक्ति पुलिस की आंखों के सामने तड़प-तड़प कर मर गया है. परिवार वालों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि अगर समय रहते इलाज मिलता तो आज उनके परिवार का सदस्य जिंदा रहता. चौंकाने वाली बात तो यह है कि पुलिस के पास पूरा समय था व्यक्ति को उपचार के लिए ले जाने का, लेकिन वह फिर भी वहां नहीं पहुंचा.
युवक सिवान के बाड़ोलिया गांव का निवासी है. 22 वर्षीय राजकुमार गाजियाबाद के संजय नगर सेक्टर 23 में रह रहा था. 12 जुलाई की दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट पर ऑटो चालक ने एक सवारी को बैठाया. मधुबन बापूधाम में उसने सवारी को बैठाया था. दोनों की नशे में पूरी तरीके से डूबे हुए थे. हालांकि, पैसे को लेकर के उनके बीच में विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद दोनों पिंक बूथ पर पहुंच गए. नशे की हालत में उस व्यक्ति ने काफी तेजी से पिंक बूथ के गेट पर हाथ मारा, जिसकी वजह से कांच उसके हाथ में जा फंसा. काफी देर तक उसने लोगों से और पुलिसकर्मियों से मदद मांगी, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद की.
काफी देर बाद युवक का इलाज कराने के लिए उसे अस्पताल लेकर जाया गया. जहां पर उसकी मौत हो चुकी थी. युवक की मौत के बाद में परिवार वाले पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं. केवल वह अकेला ही लड़का उस घर में कमाने वाला था. परिजनों का कहना है कि अगर युवक को समय रहते अस्पताल में भेज दिया जाता तो आज वह जिंदा होता. अस्पताल वालों ने बताया कि कलाई में कांच घुस जाने की वजह से बहुत ज्यादा खून बह गया था, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई.
पुलिस अधिकारी ने मामले पर जांच की है. साथ ही इस घटना के लिए दोषी पाए जाने वालों पर सख्ती बरतने की बात की है. फिलहाल वहां शांति एवं कानून को बनाए रखा जा रहा है. लोगों का कहना है कि अगर व्यक्ति नशे में है तो इसका मतलब यह नहीं होता है कि उसे पुलिस चोट लगने पर मदद नहीं करेगी. युवक बहुत देर तक खून से लथपथ अवस्था में वहां पड़ा हुआ था.
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