अभी के समय में वेट लॉस दवाओं का असर काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है. ऐसे में जो लोग अपने वजन को लेकर परेशान थे, उन्होंने भी दवाओं के सहारे अपने मोटापे को कम करने का प्रयास किया. हालांकि, भारत में इन दवाओं का लोगों के बीच फेमस होने के बाद में एक बड़ा अलर्ट वेट लॉस दवाओं के लिए जारी किया गया है.
दरअसल, कई रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इन दवाओं का इस्तेमाल बहुत की खतरनाक हो सकता है. यह शरीर में कई बीमारियों के पीछे का कारण बन सकता है. लोगों के बीच अभी के समय में GLP-1 ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1 दवाएं सबसे ज्यादा प्रयोग की जा रही है. जानकारी के अनुसार भारत में इन दवाओं का पेटेंट खत्म होने के बाद से इनके सस्ते जेनेरिक वर्जन को बड़ी संख्या ऑनलाइन फार्मेसी और वेलनेस क्लीनिक के जरिए बेचा जा रहा है.
हालांकि, जितना इनके बेचने वाले की गलती है, उतनी ही ऐसी दवाओं का फेक रिजल्ट दिखा कर प्रमोट करने वाले की भी गलती है. लोग सोशल मीडिया पर इनको प्रमोट करने वाले लोगों से इन्फलुएंस हो जाते हैं और तुरंत खरीदने के पीछे भागने लगते हैं.
सरकार ने उठाया कदम
बता दें कि इसी चलन को बढ़ते देख सरकार की तरफ से एक अहम कदम उठाया गया है. दरअसल, देश की 49 जगहों पर छापेमारी की गई है. इनमें मेडिकल स्टोर, वेयरहाउस और वेलनेस सेंटर है. इस छापेमारी में लेकिन सबसे कड़वा सच यह सामने आया कि इन दवाओं को लोग बिना किसी प्रिस्किप्शन के बेच रहे थे. साथ ही नियमों का उल्लंघन भी किया जा रहा था.
सरकार ने सख्ती की.
साथ ही सरकार ने लोगों के हेल्थ को ध्यान में रखते हुए इनके प्रमोशन करने वालों पर सख्ती के निर्देश जारी किए है. डॉक्टरों का कहना हैं कि यह दवाएं खुद से नहीं बल्कि किसी व्यक्ति की सलाह पर ही लेनी चाहिए. नहीं तो लोगों को गंभीर से गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है.
जानें दुष्प्रभाव
- पैंक्रियाटाइटिस
- मितली
- उल्टी
- लीवर से संबंधित गंभीर बीमारी
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