गुजरात के सूरत में किशोर न्यायालय ने एक किशोर को साल 2023 के पॉक्सो मामले में 20 साल कारावास की सजा सुनाई है. फिलहाल आरोपी किशोर बाल सुधार गृह में सजा काट रहा है.
किशोर न्यायालय ने सुनाई 20 साल की सजा
गुजरात से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. सूरत में साल 2023 के एक पॉक्सो मामले में फैसला सुनाते हुए किशोर न्यायालय ने एक किशोर को 20 साल की सजा सुनाई है. पॉक्सो कानून के तहत सूरत में किशोर को दी गई यह सजा अब तक की सबसे लंबी सजा बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक पूरा मामला फरवरी साल 2023 में सचिन पुलिस थाने में दर्ज किया गया था.
साल 2023 में सामने आया था मामला
यह घटना साल 2023 में तब सामने आई जब एक 12 साल की लड़की के लगातार 2 महीनों तक पीरियड्स नहीं आए. जिसके बाद में पेट दर्द बढ़ा तो परिजनों ने लड़की की मेडिकल जांच कराई. जिसके बाद लड़की के परिजन हैरान रह गए. मेडिकल जांच में लड़की 4 महीने की प्रेग्नेंट निकली. मेडिकल रिपोर्ट के बाद में परिजनों ने लड़की से बात की, जिसके बाद में इस पूरे मामले का खुलासा हुआ.
डॉक्टरों की सलाह से कराया गया अबॉर्शन
लड़की ने परिजनों को बताया कि पड़ोस में रहने वाला एक किशोर उसके साथ घर में अकेला पाकर जबरदस्ती करता था. पीड़ित लड़की ने बताया कि यह घटना 3 बार हुई. इस घटना के बाद में डॉक्टरों की सलाह लेकर उस लड़की का अबॉर्शन करवा दिया गया था. इस मामले में पुलिस ने पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह में भेज दिया.
21 साल की उम्र तक बाल सुधार गृह में रहेगा आरोपी
इस पूरे मामले की सुनवाई किशोर न्यायालय में चल रही है. इसी मामले में अब फैसला सुनाया गया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद वी. परमार ने आरोपी किशोर को दोषी ठहराया है और 20 साल की जेल की सजा सुनाई है. जब यह घटना हुई थी तो आरोपी 17 साल का था, लेकिन अब वह 20 साल का हो गया है. कोर्ट ने आदेश किया कि 21 साल की उम्र तक उसे बाल सुधार गृह में ही रखा जाएगा. जिसके बाद में उसे आगे की सजा नियमित जेल में काटनी होगी.
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