Jobs after skill development: उत्तर प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) प्राप्त कर रहे युवाओं के लिए एक बहुत ही राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है. उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) ने प्रदेश के युवाओं को समयबद्ध तरीके से रोजगार से जोड़ने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को कोर्स खत्म होने के 90 दिनों (3 महीने) के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया गया है. यदि कोई प्रशिक्षण प्रदाता संस्था या कंपनी ऐसा करने में विफल रहती है, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
एआई-आधारित ‘कौशल दर्पण’ रखेगा 1 साल तक नजर
इस पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए यूपी कौशल विकास मिशन ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया है.
नौकरी की ट्रैकिंग
एआई-आधारित ‘कौशल दर्पण’ डैशबोर्ड के जरिए प्लेसमेंट की लगातार ऑनलाइन निगरानी की जाएगी.
1 वर्ष की निगरानी
इसके माध्यम से न सिर्फ नौकरी मिलने का पता चलेगा, बल्कि युवा नौकरी में कितने समय तक बने रहे, इस पर भी पूरे एक साल तक नजर रखी जाएगी.
कंट्रोल रूम से निगरानी, गड़बड़ी करने वाली कंपनियां होंगी बाहर
कंपनियों की मनमानी और धांधली पर लगाम लगाने के लिए अब सभी प्रशिक्षण केंद्रों को सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से लैस कर दिया गया है. मिशन मुख्यालय में बने केंद्रीय कंट्रोल रूम से रोजाना जिलों की रिपोर्ट की गहन समीक्षा की जा रही है. जांच के दौरान जो भी कंपनियां गड़बड़ी या कमियां करते हुए पाई जा रही हैं, उन्हें तुरंत कार्यसूची (पैनल) से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है. इसके अलावा, जिन कंपनियों का प्लेसमेंट आउटपुट खराब है, उनके प्रशिक्षण बैचों में कटौती कर चेतावनी दी जा रही है.
क्लास में 70% उपस्थिति अनिवार्य, तभी मिलेगा रोजगार मेले का मौका
प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए छात्रों के नियमों में भी सख्ती की गई है. आवासीय प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं के लिए प्रतिदिन 8 घंटे की क्लास लेना अनिवार्य होगा.प्रशिक्षण के दौरान छात्रों की कम से कम 70 प्रतिशत उपस्थिति (Attendance) होना आवश्यक है, अन्यथा उन्हें सरकार द्वारा आयोजित होने वाले रोजगार मेलों में शामिल होने का अवसर नहीं दिया जाएगा.
मिशन का उद्देश्य
इस नई और आधुनिक व्यवस्था को लागू करने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कौशल प्रशिक्षण केवल कागजी प्रमाणपत्र या औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि हर प्रशिक्षित युवा को समय पर उसकी योग्यता के अनुसार सीधे सम्मानजनक रोजगार मिल सके.
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