मौसम विभाग ने शीतलहर चलने की चेतावनी दी है. IMD ने दिल्ली में 2 से 5 जनवरी के बीच शीतलहर चलने की आशंका जताई है. राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में भी इसका असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली के बहुत सारे इलाकों में 6 जनवरी तक रात और सुबह के समय बहुत घना कोहरा रहने की संभावना है. इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
दिल्ली में तापमान में गिरावट
इसके अलावा दिल्ली में तापमान बुधवार के दिन सबसे कम दर्ज किया गया था. पिछले 6 साल की तुलना में इस साल दिसंबर में तापमान सबसे ज्यादा गिरा था. यहां का अधिकतम तापमान गिरकर 14.2 डिग्री सेल्सियस हो गया था. तापमान में इस तरह की गिरावट 31 दिसंबर 2019 में दर्ज की गई थी. अनुमान लगाया जा रहा है कि इन कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 16 से 18 और न्यूनतम 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक हो सकता है. इसके अलावा आर्द्रता भी गुरुवार की सुबह 98% रही तो शाम के समय पर 87% रही. शीतलहर तब आती है जब न्यूनतम तापमान में औसम तापमान से 4.5 से 6.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जाती है. सफदरजंग, पालम, लोधी रोड, रिज और आयनगर इन सभी इलाकों में न्यूनतम तापामन 10 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया था.
कोहरे ने बढ़ाई लोगों की मुसीबत
बता दे कि नए साल के दिन और 31 दिसंबर की रात में कई इलाकों में तापामान ज्यादा गिर गया था. साथ ही साथ दृश्यता भी काफी ज्यादा कम हो गई थी. कई इलाकों में हल्की फुल्की बारिश तक हुई थी. गुरूवार की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में दृश्यता केवल 500 मीटर तक ही दर्ज की गई थी. हालांकि, दोपहर तक इसमें थोड़ा सुधार भी हुआ था. आने वाले कुछ दिनों तक वाहन चालकों को आराम से गाड़ी चलाने के निर्देश दिए गए है.
दिल्ली में प्रदूषण अब भी ज्यादा
दिल्ली में प्रदूषण थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुरुवार की रिपोर्ट के अनुसार सबसे खराब वायु गुणवत्ता सूचकांक वाला क्षेत्र आनंद विहार था. वहां पर AQI 423 दर्ज किया गया था. अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली में प्रदूषण का ऐसा हाल 6 दिनों तक रहेगा. इसके अलावा AQI आने वाले कुछ दिनों में प्रदूषण और ज्यादा बढ़ सकता है. लोगों को प्रदूषण के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही राजधानी का औसत AQI 357 दर्ज किया गया था.
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