India-Pakistan nuclear sites: भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बावजूद 1 जनवरी 2026 को दोनों देशों ने परमाणु ठिकानों की सूची एक-दूसरे को सौंपी है. यह 1988 के समझौते के तहत होने वाला 35वां आदान-प्रदान है, जिसका मकसद परमाणु टकराव और गलतफहमी को रोकना है.

India-Pakistan nuclear sites: भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन इसी बीच दोनों देशों ने एक अहम राजनयिक प्रक्रिया पूरी की है. 1 जनवरी 2026 को भारत और पाकिस्तान ने डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए एक-दूसरे को अपने परमाणु ठिकानों और संस्थानों की सूची सौंपी है. यह प्रक्रिया हर साल तय समय पर की जाती है और इसका मकसद किसी भी तरह की गलतफहमी या बड़े खतरे को रोकना होता है.
31 दिसंबर 1988 का समझौता
दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच 31 दिसंबर 1988 को एक विशेष समझौता हुआ था, जिसे परमाणु ठिकानों और संस्थानों पर हमलों के निषेध का समझौता कहा जाता है. यह समझौता 27 जनवरी 1991 से लागू है. इसके तहत दोनों देशों को हर साल 1 जनवरी को अपने परमाणु ठिकानों की जानकारी एक-दूसरे के साथ साझा करनी होती है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोनों देश एक-दूसरे के परमाणु ठिकानों को निशाना न बनाएं.
इस साल हुआ यह आदान-प्रदान 35वां लगातार आदान-प्रदान है. पहली बार यह प्रक्रिया 1 जनवरी 1992 को शुरू की गई थी. विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि यह कदम भरोसा बनाए रखने और बड़े टकराव से बचने के लिए बेहद जरूरी है. तनाव के बावजूद यह प्रक्रिया जारी रहना दिखाता है कि दोनों देश परमाणु सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं.
26 लोगों की गई थी जान

हालांकि यह लिस्ट ऐसे समय में साझा की गई है, जब भारत-पाकिस्तान संबंध बेहद तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं. पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी. इसके बाद भारत ने आतंकियों और उनके ठिकानों पर कड़ी कार्रवाई की है. दोनों देशों के बीच कुछ दिनों तक सैन्य टकराव भी देखने को मिला, जिसके बाद सीजफायर हुआ है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समझौते और सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे अनजाने में होने वाली बड़ी तबाही को रोका जा सकता है. तनाव चाहे जितना भी हो, परमाणु सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना दोनों देशों के लिए जरूरी है. यही वजह है कि मुश्किल हालात के बावजूद यह प्रक्रिया हर साल निभाई जाती है.
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