India france summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, तकनीक, कौशल और स्वास्थ्य समेत 20 से ज्यादा समझौते हुए हैं. कर्नाटक में एच एक सौ पच्चीस हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन हुआ और दोनों देशों ने रिश्तों को और मजबूत बनाने का संदेश दिया है.

India france summit 2026: मुंबई में भारत और फ्रांस के बीच एक अहम शिखर बैठक हुई. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में दोनों देशों ने बीस से अधिक समझौतों की घोषणा की है. ये समझौते रक्षा, कौशल विकास, तकनीक, स्वास्थ्य और औद्योगिक सहयोग जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं. इन करारों का मकसद भारत और फ्रांस की साझेदारी को और मजबूत बनाना है. दोनों नेताओं ने कहा कि ये समझौते आने वाले वर्षों में रोजगार. निवेश और नवाचार को नई दिशा देंगे.
शिखर बैठक के दौरान कर्नाटक में एच एक सौ पच्चीस हेलीकॉप्टर की अंतिम असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया. इस कार्यक्रम में भारत और फ्रांस के रक्षा मंत्री मौके पर मौजूद रहे. यह परियोजना एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के संयुक्त प्रयास से शुरू हुई है. इसे देश में रक्षा और विमान निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. इस पहल से भारत में निर्माण क्षमता बढ़ेगी और निर्यात को भी बल मिलेगा.
संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस की साझेदारी किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि यह सहयोग समुद्र की गहराइयों से लेकर ऊंचे पर्वतों तक फैला हुआ है. उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारत में बनने वाला यह हेलीकॉप्टर दुनिया में अकेला ऐसा होगा जो माउंट एवरेस्ट जैसी ऊंचाइयों तक उड़ान भर सकता है. यह पूरी दुनिया में भारत से निर्यात किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाला वर्ष भारत और यूरोप के रिश्तों में एक नया मोड़ साबित होगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत और फ्रांस के रिश्ते केवल रणनीतिक नहीं हैं. ये आपसी विश्वास और साझा सोच पर टिके हुए हैं. फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है. मौजूदा वैश्विक हालात में यह साझेदारी स्थिरता और प्रगति का संदेश देती है. उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर शिक्षा. कौशल प्रशिक्षण और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी बड़े केंद्र शुरू करने जा रहे हैं. इससे युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा.
राष्ट्रपति मैक्रों ने भी भारत फ्रांस संबंधों की तीन बड़ी खूबियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यह रिश्ता विश्वास. खुलेपन और ऊंचे लक्ष्य पर आधारित है. उन्होंने बताया कि बीते आठ वर्षों में दोनों देशों ने कई नए क्षेत्रों में मिलकर काम किया है. चाहे वह हिंद प्रशांत क्षेत्र हो या वैश्विक सहयोग की पहलें. मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस कानून के शासन और संतुलित वैश्विक व्यवस्था में भरोसा रखते हैं. यही सोच इस साझेदारी को खास और मजबूत बनाती है.
