NSA Ajit Doval Meets Nepal Foreign Minister: ये आर्टिकल नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल के बीच कनेक्टिविटी, ऊर्जा और पर्यटन पर हुई महत्वपूर्ण बैठक की जानकारी देता है.

NSA Ajit Doval Meets Nepal Foreign Minister: भारत और नेपाल के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. बातचीत का मुख्य फोकस कनेक्टिविटी, ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर रहा. दोनों देशों ने माना कि आपसी साझेदारी को और मजबूत बनाकर विकास की नई संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं. इस बैठक को भारत-नेपाल संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खासतौर पर ऐसे समय में जब दोनों देश आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं.
बैठक के दौरान सीमा पार चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने सड़क और रेल नेटवर्क को बेहतर बनाने पर जोर दिया. साथ ही बिजली व्यापार और ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया. भारत और नेपाल के बीच कई विकास परियोजनाएं पहले से चल रही हैं. इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए दोनों देशों ने उन्हें तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत बताई. माना गया कि बेहतर संपर्क व्यवस्था से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध भी और मजबूत होंगे.
पर्यटन को लेकर भी बैठक में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं. दोनों देशों ने बौद्ध और सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट को बढ़ावा देने पर सहमति जताई. इसके जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक लोगों की पहुंच आसान बनाने की योजना पर चर्चा हुई. अधिकारियों का मानना है कि पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा. इसके साथ ही लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव भी मजबूत होगा. भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं. इन्हें और गहरा करने पर जोर दिया गया.
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल तीन दिन के दौरे पर भारत आए हैं. उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब हाल के दिनों में सीमा से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर चर्चा हुई थी. हालांकि खनल ने साफ कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने संबंधों को सबसे अधिक महत्व देता है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भारत के साथ पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना चाहती है. खनल ने यह भी कहा कि नेपाल अतीत की बातों में उलझने के बजाय भविष्य की संभावनाओं पर ध्यान देना चाहता है. उनका कहना था कि दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशे जाने चाहिए.
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी शिशिर खनल से मुलाकात की थी. उन्होंने भारत और नेपाल के रिश्तों को विशेष और ऐतिहासिक बताया. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के पास साझेदारी को और मजबूत बनाने के कई अवसर मौजूद हैं. भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से ‘रोटी-बेटी’ का संबंध बताया जाता रहा है. यही वजह है कि दोनों देश एक-दूसरे के लिए रणनीतिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं. भारत की ओर से भी यह संदेश दिया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों देशों की साझा प्रगति, विकास और समृद्धि के लिए नेपाल के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
