Indian Passport ने 10 रैंक की छलांग लगाई: भारत का पासपोर्ट हेनले स्टॉल्स में 10 कैराल स्केल 75वें स्थान पर पहुंच गया है। अब भारतीय नागरिक 56 देशों में बिना से पहले यात्रा कर सकते हैं। यह सुधार भारत की प्रबल अंतरराष्ट्रीय साख का संकेत माना जा रहा है, हालांकि देश अभी भी अपनी 2006 की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग से पीछे है।

Indian Passport ने 10 रैंक की छलांग लगाई: दुनिया भर के देशों के पासपोर्ट की लॉन्चिंग फोर्स वाला हेनले पासपोर्ट पासपोर्ट इस साल फिर से जारी हुआ है। इस नई रैंकिंग में भारत के पासपोर्ट की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। भारतीय पासपोर्ट अब 75वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले साल यह 85वें नंबर पर था। यानी भारत ने एक साथ 10 क्रेटरियों की कलाकृतियां बनाई हैं। यह बदलाव भारतीय यात्रियों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है।
इस रैंकिंग के अनुसार अब भारतीय पासपोर्ट धारक बिना से पहले 56 देशों की यात्रा कर सकते हैं। हेनले आस्टिस्ट स्टेट्स को इस आधार पर रैंक दी गई है कि नागरिक विभिन्न देशों में वजीर-फ़्री या वाइज़र-ऑन-अराइवल सुविधा पा सकते हैं। पासपोर्ट की श्रेणी का मतलब यह होता है कि उस देश के नागरिकों के लिए विदेश यात्रा आसान है। हाल के वर्षों में गिरावट के बाद भारत की रैंकिंग में यह सुधार अहम माना जा रहा है।
हालाँकि भारत अभी भी अपनी सबसे बेहतर स्थिति से दूर है। भारतीय पासपोर्ट की अब तक की सबसे अच्छी रैंक 71 रही है। यह स्थान भारत से वर्ष 2006 में मिला था। इसके बाद की रैंकिंग बारंबार 80 के आसपास ही रही। बीच में गिरावट भी आई. लेकिन इस साल की रैंकिंग से यह संकेत मिलता है कि भारत की स्थिति फिर से मजबूत हो रही है।
विशेषज्ञ का मानना है कि पासपोर्ट की रैंकिंग में किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय छवि भी शामिल है। भारत की बेहतर रैंकिंग इस बात का संकेत है कि दुनिया में उसकी उत्पादकता बढ़ रही है। इससे भारतीय नागरिकों को यात्रा, व्यापार और अध्ययन जैसे सशुल्क लाभ मिलता है। धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे होने की उम्मीद हो रही है।
स्वामी-मुक्त देशों की सूची में भूटान, नेपाल, मलेशिया, विशाखापत्तनम, केन्या, सेशेल्स, मॉरीशस और फिजी जैसे देश शामिल हैं। वहीं पासपोर्ट में सिंगापुर पहले नंबर पर है, जहां से 192 देशों में बिना वीर यात्रा की जा सकती है। जापान और दक्षिण कोरिया दूसरे स्थान पर हैं। स्वीडन और संयुक्त अरब अमीरात तीसरे नंबर पर हैं। इसके बाद फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन और जापान जैसे देश संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर आते हैं।
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