Iran Protest: ईरान में महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ हिंसक होते प्रदर्शनों ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं, जिसमें अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है. इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप की खुली चेतावनी से मामला अंतरराष्ट्रीय लेवल पर और संवेदनशील हो गया है.

Iran Protest: ईरान में इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. देश के कई हिस्सों में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हो रहे हैं. बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और गिरती अर्थव्यवस्था से नाराज लोग सड़कों पर उतर आए हैं. बीते कुछ दिनों में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भी देखने को मिली है, जिसमें अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. हालात ऐसे हैं कि आम जनता खुलकर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई के खिलाफ नारे लगा रही है.
अमेरिका चुप नहीं बैठेगा
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान के शीर्ष नेतृत्व को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोली चलाई गई, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा. ट्रंप ने अपने संदेश में साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका हर स्थिति के लिए तैयार है और जरूरत पड़ी तो कार्रवाई भी की जा सकती है.
ईरान में जनता का गुस्सा खासतौर पर आर्थिक हालात को लेकर है. देश की करेंसी लगातार कमजोर होती जा रही है. फिलहाल एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 14 लाख रियाल तक पहुंच गई है. रोजमर्रा की चीजें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं. रोजगार के मौके कम होते जा रहे हैं, जिससे युवाओं में भी भारी नाराजगी है. यही वजह है कि प्रदर्शन अब सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहे हैं.
प्रदर्शन के दौरान तीन लोगों की मौत
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विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई जगह हिंसा भी हुई है. ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोरेस्टन प्रांत के अजना शहर में प्रदर्शन के दौरान तीन लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए हैं. सड़कों पर आगजनी की घटनाएं सामने आईं और गोलियों की आवाजें भी सुनी गई हैं. प्रदर्शनकारियों ने तानाशाह मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.
हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि कुछ प्रदर्शनकारी मौजूदा शासन को खत्म करने की मांग कर रहे हैं. कुछ लोग पुराने राजशाही शासन की वापसी की बात भी कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज हो सकता है. ऐसे में अमेरिका की चेतावनी ने इस पूरे मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और गंभीर बना दिया है.
