jantar mantar protest delhi high court: दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों को लेकर उठाए गए सवाल के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन की जगह छीनना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

jantar mantar protest delhi high court: दिल्ली हाई कोर्ट ने राजधानी के बीचों-बीच बने जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों को लेकर एक बड़ा सवाल उठाया है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रदर्शनों की वजह से पूरे शहर के लोगों को परेशानी में क्यों डाला जाए. इस टिप्पणी के सामने आते ही राजनीति गरमा गई है. कॉकरोच जनता पार्टी ने हाई कोर्ट के इस बयान पर बहुत तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने साफ लहजे में कहा है कि वे अपनी विरोध दर्ज कराने की जगह किसी भी कीमत पर नहीं छीनने देंगे.
कॉकरोच जनता पार्टी का तीखा पलटवार
अदालत की इस टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी. उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि हमारे जंतर-मंतर से दूर रहो. उन्होंने सीधा सवाल पूछा कि जंतर-मंतर छीनने से पहले यह बताओ कि क्या इंडिया गेट पर प्रदर्शन की जगह दोगे? सौरव दास ने कहा कि इंडिया गेट तो पहले ही हमसे छीन लिया गया था. अब जंतर-मंतर को भी हाथ से जाने नहीं देंगे. विरोध करना हमारा मौलिक अधिकार है.
अदालत में किस बात पर हुई चर्चा
यह पूरा मामला ऑल इंडिया दलित क्रिश्चियन राइट्स प्रोटेक्शन कमेटी की एक अर्जी से शुरू हुआ. इस संस्था ने 10 अगस्त को जंतर-मंतर पर एक छोटा सा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी. याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि पुलिस ने काफी समय से उनकी अर्जी पर कोई फैसला नहीं लिया है. इसी सुनवाई के दौरान जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि शहर के बीचों-बीच ऐसे प्रदर्शन नहीं होने चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस पर अंतिम फैसला सरकार और पुलिस को ही लेना है.
सुरक्षा और स्वतंत्रता दिवस का हवाला
सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश हुए अपर सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कोर्ट को स्थिति समझाई. उन्होंने बताया कि 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पास आ रहा है. सुरक्षा कारणों से जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में धारा 144 लागू की गई है. इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट भी प्रदर्शनों के लिए किसी दूसरी जगह को तय करने पर विचार कर रहा है.
सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही है सुनवाई
जंतर-मंतर पर होने वाले धरना-प्रदर्शन का मामला काफी समय से चर्चा में है. सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दाखिल की गई है. इसमें कहा गया है कि जंतर-मंतर अब प्रदर्शनों के लिए सही जगह नहीं रही. लगातार होने वाले धरनों से आसपास रहने वाले लोगों को दिक्कत होती है और रास्ते बंद हो जाते हैं. इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट किसी नई और सुरक्षित जगह के विकल्प पर विचार कर रहा है.
दिल्ली पुलिस कल तक लेगी फैसला
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट से कहा कि उनके प्रदर्शन में सिर्फ 75 लोग ही शामिल होंगे. अगर पुलिस चाहे तो जंतर-मंतर की जगह कोई दूसरा स्थान भी बता सकती है. इस पर हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वे शनिवार तक याचिका पर अपना फैसला सुनाएं. यह संस्था दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराना चाहती है. अब देखना होगा कि पुलिस इस पर क्या कदम उठाती है.
