jkbopee msc nursing exam cancelled: जम्मू-कश्मीर में एमएससी नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं में बड़ी गड़बड़ी मिलने के कारण शुरू होने से ठीक कुछ मिनट पहले ही रद्द कर दी गई.

jkbopee msc nursing exam cancelled: देश में पहले से ही नीट और सीबीएसई जैसी बड़ी परीक्षाओं को लेकर विवाद चल रहे हैं. इसी गहमागहमी के बीच अब जम्मू-कश्मीर से भी एक बड़ी लापरवाही की खबर सामने आई है. वहां एमएससी नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा शुरू होने से ठीक कुछ मिनट पहले ही अचानक रद्द कर दी गई. इस अचानक हुए फैसले के पीछे की मुख्य वजह उत्तर पुस्तिकाओं (आंसर शीट्स) में हुई एक बड़ी गड़बड़ी को बताया जा रहा है. परीक्षा केंद्र पर पहुंचे छात्र अपनी सीटों पर बैठ चुके थे और पेपर शुरू होने का इंतजार कर रहे थे. लेकिन ऐन वक्त पर आई इस खबर ने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया. देश में लगातार हो रहे परीक्षा विवादों के बीच इस नई चूक ने व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एमएससी नर्सिंग एक पोस्टग्रेजुएट डिग्री कोर्स है. इसमें एडमिशन पाने के लिए छात्रों को एक कड़ा एंट्रेंस टेस्ट पास करना होता है. जम्मू-कश्मीर में इस परीक्षा को कराने की पूरी जिम्मेदारी जेकेबीओपीईई यानी ‘जम्मू-कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा बोर्ड’ के पास है. इसी बोर्ड ने आज के दिन इस परीक्षा का पूरा आयोजन किया था. इस परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 513 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से परीक्षा देने पहुंचे 438 छात्र कश्मीर डिवीजन के रहने वाले थे. वहीं दूसरी तरफ जम्मू डिवीजन से कुल 165 छात्रों को इस परीक्षा में बैठना था. सभी छात्र समय से अपने-अपने तय एग्जाम सेंटर पर पहुंच भी चुके थे.
इस पूरी गड़बड़ी को समझने के लिए ओएमआर शीट के सिस्टम को समझना जरूरी है. ओएमआर आंसर शीट वह मुख्य कागज होता है जिस पर छात्र अपने सही जवाबों के गोले भरते हैं. सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए यह शीट हर एक बच्चे के लिए बिल्कुल अलग और बेहद खास बनाई जाती है. इस ओएमआर शीट पर छात्र का नाम, उसका रोल नंबर और उसकी फोटो पहले से ही छपी होती है. इसका सीधा मतलब यह है कि जो शीट जिस छात्र के नाम की है, उस पर सिर्फ वही परीक्षा दे सकता है. लेकिन आज जैसे ही परीक्षा शुरू होने से पहले इन शीटों का मिलान किया गया, तो वहां भारी गड़बड़ी देखने को मिली. जो शीट जिस छात्र को मिलनी चाहिए थी, उसमें डेटा और रोल नंबर का तालमेल पूरी तरह बिगड़ा हुआ था.
नियम के मुताबिक हर परीक्षा को शुरू कराने से पहले ओएमआर शीटों के पैकेट की बारीकी से जांच की जाती है. यह जांच प्रक्रिया परीक्षा बोर्ड के बड़े अधिकारियों की सीधी निगरानी में पूरी होती है. इस दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए छात्रों के कुछ प्रतिनिधियों और गवाहों को भी वहां मौजूद रखा जाता है. आज भी जब परीक्षा शुरू होने से पहले इसी तय नियम के तहत शीटों की जांच चल रही थी, तभी यह गड़बड़ी अधिकारियों की पकड़ में आ गई. जब अधिकारियों ने देखा कि छात्रों के रोल नंबर और शीट पर छपे विवरण आपस में मैच नहीं कर रहे हैं, तो वहां हड़कंप मच गया. इसके बाद जेकेबीओपीईई बोर्ड ने बिना कोई रिस्क लिए तुरंत परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला ले लिया.
इस अचानक लिए गए फैसले के बाद परीक्षा केंद्रों पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. दूर-दूर से आए छात्र बोर्ड की इस बड़ी लापरवाही से बेहद नाराज और मायूस नजर आए. छात्रों का कहना था कि ऐसी गलतियों की वजह से उन्हें न सिर्फ आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है, बल्कि वे गंभीर मानसिक तनाव का शिकार भी होते हैं. सालों की मेहनत पर पानी फिरने से छात्रों में काफी आक्रोश है. छात्रों ने अब बोर्ड से पुरजोर मांग की है कि भविष्य में ऐसी बचकानी गलतियों को दोबारा न दोहराया जाए. साथ ही आगे होने वाली परीक्षाओं के लिए पुख्ता और सही इंतजाम किए जाएं. फिलहाल बोर्ड ने कहा है कि वह जल्द ही परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान करेगा.
