Kainchi Dham Mela 2026: उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम आज अपनी स्थापना की वर्षगांठ मना रहा है. कैंची धाम में 15 जून को स्थापना दिवस समारोह पर लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ है. इस अवसर पर देश-विदेश से एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट है.
भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र कैंची धाम
नैनीताल के भवाली के समीप स्थित कैंची धाम आज भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है. बाबा नीम करौली महाराज के प्रति श्रद्धा केवल भारत ही नहीं,
बल्कि दुनिया भर में देखने को मिलती है. यही वजह है कि हर वर्ष स्थापना दिवस पर यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. बाबा नीम करौली महाराज के स्थापना दिवस के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचे हैं. सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं.
विदेशी भक्त भी पहुंचते हैं कैंची धाम
हर वर्ष 15 जून को आयोजित होने वाले स्थापना दिवस मेले में एक से दो लाख श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं. अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस सहित कई देशों से भी बड़ी संख्या में विदेशी भक्त कैंची धाम पहुंचते हैं. बाबा नीम करौली महाराज को उनके अनुयायी हनुमान जी का स्वरूप मानते हैं और उनके जीवन से जुड़े अनेक चमत्कारों की कथाएं आज भी श्रद्धा के साथ सुनाई जाती हैं.
जयकारों से गूंज उठा पूरा क्षेत्र
विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज जी के वार्षिक स्थापना दिवस पर आज सोमवार को आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ रहा है. सुबह 5:00 बजे विशेष पूजा-अर्चना के बाद जैसे ही बाबा के कपाट खुले, पूरा क्षेत्र ‘जय बाबा की’ के जयकारों से गूंज उठा. देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु सुबह से ही लंबी कतारों में बाबा के दर्शन के लिए खड़े नजर आए.
पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए नैनीताल पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों से लगातार फुल क्षमता में शटल सेवाएं संचालित की जा रही हैं. पुलिस प्रशासन के अनुसार, किसी भी बैरियर पर श्रद्धालुओं को रोका नहीं जा रहा है. वरिष्ठ अधिकारी स्वयं पूरी व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं. इस धार्मिक उत्सव से स्थानीय पर्यटन और व्यापार में भी भारी उछाल देखा जा रहा है. पुलिस ने सभी भक्तों से धैर्य बनाए रखने और शटल सेवाओं का उपयोग करने की अपील की है.
कब हुई थी कैंची धाम की स्थापना
ऐसा कहा जाता है कि बाबा नीम करौली महाराज पहली बार साल 1961 में इस स्थान पर पहुंचे थे. यहां की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक ऊर्जा से प्रभावित होकर उन्होंने अपने परम भक्त और मित्र पूर्णानंद जी के साथ मिलकर आश्रम बनाने का निर्णय लिया. इसके बाद 15 जून 1964 को कैंची धाम आश्रम की विधिवत स्थापना की गई. तभी से हर साल 15 जून को स्थापना दिवस के अवसर पर विशाल मेले और भंडारे का आयोजन किया जाता है. इस दिन लाखों श्रद्धालु आश्रम पहुंचकर बाबा के दर्शन करते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं.
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