kapil sibal news: राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने बीजेपी पर मॉनसून सत्र से ठीक पहले विपक्षी सांसदों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) करने और संसद में जबरन दो-तिहाई बहुमत जुटाने का गंभीर आरोप लगाया है.

kapil sibal news: संसद के मॉनसून सत्र के शुरू होने से ठीक पहले देश की राजनीति में एक बार फिर से भारी गरमाहट आ गई है. वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर एक बहुत बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है. सिब्बल का दावा है कि बीजेपी संसद के भीतर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए विपक्षी सांसदों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) में जुटी हुई है. उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल का एकमात्र मकसद अपनी मर्जी के हिसाब से संख्या बढ़ाना है. इस बयान के बाद मॉनसून सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग काफी तेज हो गई है.
मनचाहे कानून पास कराने के लिए संख्या बढ़ाने की कोशिश
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कपिल सिब्बल ने बीजेपी की रणनीति पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी जानबूझकर दूसरे दलों के सांसदों को तोड़कर अपने पाले में लाने का प्रयास कर रही है. सिब्बल के मुताबिक इसका असली मकसद संसद में दो-तिहाई बहुमत का जादुई आंकड़ा जुटाना है. अगर सरकार यह आंकड़ा हासिल करने में कामयाब हो जाती है, तो वह किसी भी बड़े और महत्वपूर्ण संवैधानिक विधेयक को बिना किसी रुकावट के आसानी से पास करा लेगी. उन्होंने चेतावनी दी कि यह तरीका देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक है.
टीएमसी, एनसीपी और शिवसेना में हुई टूट का दिया हवाला
अपनी बात को साबित करने के लिए कपिल सिब्बल ने हाल ही में अलग-अलग राज्यों में विपक्षी पार्टियों में हुई बड़ी टूट का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने अचानक अपनी ही पार्टी से नाता तोड़ लिया. इन बागी सांसदों ने पूर्वोत्तर की एक ऐसी छोटी राजनीतिक पार्टी में अपने गुट का विलय कर लिया, जिसके बारे में पहले बहुत कम लोग जानते थे. सिब्बल ने यह भी आरोप लगाया कि इसी तरह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना (UBT) के कई सांसद भी अपनी मूल पार्टी को छोड़कर सत्ताधारी गठबंधन के साथ चले गए हैं.
20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है संसद का मॉनसून सत्र
कपिल सिब्बल का यह बड़ा बयान ऐसे समय पर आया है जब संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है. यह महत्वपूर्ण सत्र आगामी 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है और 13 अगस्त तक चलेगा. केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की बैठक बुलाने को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है. इस पूरे सत्र के दौरान संसद के भीतर भारी हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं, क्योंकि विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है.
इस बार इन महत्वपूर्ण सरकारी विधेयकों पर रहेगी नजर
सरकार इस मॉनसून सत्र के दौरान कई बेहद महत्वपूर्ण और नए विधेयकों को संसद के पटल पर रखने की तैयारी में है. इनमें से कुछ विधेयक वर्तमान अध्यादेशों की जगह लेंगे, जिनमें इनकम टैक्स (संशोधन) बिल, 2026 और सुप्रीम कोर्ट संशोधन बिल, 2026 प्रमुख रूप से शामिल हैं. इनके अलावा जन्म और मृत्यु पंजीकरण बिल, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम बिल, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) बिल, 2026 जैसे बड़े कानूनों पर भी सदन में विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.
