केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, केंद्र सरकार ने केरल का नाम बदल कर केरलम कर देने के मंजूरी दे दी है. हालांकि, इस फैसले का विधेयक(बिल) अब राज्य विधानसभा भेजा जाएगा, जहां से उसको नाम बदलने की मंजूरी मिलेगी.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव- लंबे समय से केरल का नाम बदलने की कोशिश
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि काफी लंबे समय से केरल का नाम बदलकर उनकी स्थानीय भाषा के मुताबिक केरलम रखने की मांग की जा रही थी. हालांकि, इस मांग पर कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है. सरकार द्वारा जो भी फैसला लिया जाएगा वह 140 करोड़ की जनता के हित में लिया जाएगा.
दरअसल, यह फैसला नए पीएमओ भवन ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिया गया है. ये पहली बार नहीं है कि नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया था. बता दें कि 24 जून 2024 को भी केरल विधानसभा में स्थित सभी पार्टियों की सहमति से केंद्र सरकार से नाम बदलने का अनुरोध किया गया था. हालांकि, उस समय में इस प्रस्ताव में केंद्र के ग्रह मंत्रालय ने तकनीकी बदलाव करने के लिए बोला था.
इसके बाद केरल विधानसभा ने इसका संशोधन करके दोबारा उसी प्रस्ताव को पास करके केंद्र में भेज दिया है.
कई नेताओं ने की थी मांग
बता दें कि कई नेता चाहते थे कि प्रदेश का नाम बदल दिया जाएं. केरल के मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि केंद्र सरकार आठवीं अनुसूची में शामिल अर्थात देश की मान्यता प्राप्त भाषा में भी राज्य का अधिकारिक नाम केरल से बदलकर केरलम रख दें.
इसके अलावा राजीव चंद्रशेखर ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर राज्य का नाम बदलने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि केरलम राज्य की संस्कृति से जुड़ा हुआ है और मलयालम भाषा है.
ये भी पढ़ें: राजधानी में दर्दनाक हादसा! स्कूल के गार्ड रूम में जलकर हुई वॉचमैन की मौत, मामले की जांच में जुटी पुलिस
