Bhojshala Case: इंदौर हाईकोर्ट ने 98 दिनों के एएसआई सर्वे के बाद धार की भोजशाला को एक हिंदू मंदिर और मां सरस्वती का स्थल माना है. इस फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय की ओर से विवाद खत्म करने और इस जगह पर अस्पताल या शिक्षण संस्थान बनाने की सकारात्मक मांग सामने आ रही है.

Bhojshala Case: मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला परिसर को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है. इंदौर बेंच ने एएसआई की सर्वे रिपोर्ट को सही माना है. कोर्ट ने कहा कि यह स्थान हिंदू मंदिर था और इसे मां वाग्देवी यानी देवी सरस्वती से जुड़ा स्थल माना जा सकता है. यह फैसला 98 दिनों तक चले सर्वे के बाद आया है. फैसले के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है. अलग-अलग समुदायों के लोग अब इस पर अपनी राय दे रहे हैं.
फैसले के बाद कुछ मुस्लिम लोगों ने कहा कि इस जगह को लेकर मंदिर और मस्जिद की बहस खत्म होनी चाहिए. उनका कहना है कि अगर यहां अस्पताल बना दिया जाए तो ज्यादा लोगों को फायदा होगा. भोपाल के एक मुस्लिम व्यक्ति ने कहा कि धार्मिक स्थल की जगह अस्पताल बनना बेहतर रहेगा. उनका कहना था कि बीमार इंसान का कोई धर्म नहीं होता. अस्पताल में हर समुदाय के लोग इलाज कराने आते हैं. इसलिए ऐसी जगह का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए होना चाहिए.
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि शहरों में पहले से काफी मस्जिदें और मंदिर मौजूद हैं. लेकिन अच्छे अस्पताल और शिक्षा संस्थानों की कमी अभी भी महसूस होती है. एक युवक ने कहा कि अगर यहां स्कूल, कॉलेज या अस्पताल बनाया जाए तो समाज को असली फायदा मिलेगा. उसके मुताबिक ऐसी जगह हर धर्म के लोगों को जोड़ सकती है. उसने कहा कि समाज में पहले से काफी तनाव है. ऐसे में विकास और शिक्षा पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है.
इस मामले में कई लोगों ने हिंदू-मुस्लिम एकता की भी बात की. एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि आजकल मंदिर और मस्जिद को लेकर काफी विवाद हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोग मिल-जुलकर रहें, यही सबसे जरूरी बात है. उनके अनुसार मोहल्लों में आज भी अलग-अलग धर्म के लोग साथ रहते हैं और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं. इसलिए ऐसा फैसला होना चाहिए जिससे समाज में शांति बनी रहे और किसी तरह का विवाद आगे न बढ़े.
फिलहाल कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन आगे की प्रक्रिया पर काम कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार मुस्लिम समुदाय को नमाज के लिए अलग जमीन देने की बात भी कही गई है. वहीं इस फैसले को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं. कुछ लोग कोर्ट के निर्णय का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ लोग इसे समाज की एकता के नजरिए से देख रहे हैं. आने वाले समय में इस मुद्दे पर और चर्चा होने की संभावना है।
