crowds at religious places: नए साल के स्वागत पर काशी, अयोध्या, मथुरा, वृंदावन और उज्जैन जैसे तीर्थ स्थलों में रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी है, जिस कारण कई जगह बैरिकेडिंग, सीमित समय का दर्शन और वीआईपी एंट्री पर रोक लगाई गई है. होटल-धर्मशालाएं फुल हैं और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भीड़ कम होने तक यात्रा टालें या सामान्य दर्शन का ही ऑप्शन चुनें.

crowds at religious places: नए साल के मौके पर देश के प्रमुख धार्मिक शहरों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है. 2025 की विदाई और 2026 के स्वागत के साथ ही काशी, अयोध्या, मथुरा, वृंदावन और उज्जैन जैसे तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. हालात को संभालने के लिए कई जगहों पर तीन किलोमीटर तक बैरिकेडिंग की गई है और दर्शन का समय 10 सेकेंड से भी कम रखा गया है. खाटू श्यामजी में लंबी कतारें हैं तो वहीं जैसलमेर में सैलानियों की भारी आमद दर्ज की जा रही है.
150 होटल 3 जनवरी तक फुल
प्रशासन के अनुमान के मुताबिक इस बार चार बड़े धार्मिक केंद्रों पर करीब 10 लाख भक्त पहुंच सकते हैं. अकेले 1 जनवरी को कुछ शहरों में दो लाख से ज्यादा लोगों के जुटने की संभावना है. इसका असर होटल और धर्मशालाओं पर भी दिख रहा है. वाराणसी और मथुरा में लगभग 150 होटल 3 जनवरी तक फुल हैं, जबकि 80 से ज्यादा धर्मशालाओं में जगह मिलना मुश्किल हो गया है.
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में 29 दिसंबर से 5 जनवरी तक भारी भीड़ का अनुमान है. मंदिर प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अगर बहुत जरूरी न हो तो इस दौरान वृंदावन आने से बचें. सेवायतों का कहना है कि ठाकुर जी को बाल रूप में पूजा जाता है, इसलिए उनके स्वास्थ्य और भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खास व्यवस्था की जा रही है. भारी वाहनों की एंट्री बंद है, ई-रिक्शा तय रूट पर ही चल रहे हैं और करीब 7 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है.
सभी वीआईपी पास पहले ही बुक

अयोध्या में कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद रामलला के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी लाइनें लगी हैं. पुणे, बेंगलुरु, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. राम मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक 1 जनवरी 2026 तक के सभी वीआईपी पास पहले ही बुक हो चुके हैं, जबकि सामान्य दर्शन सुचारू रूप से जारी है. पूरे शहर को सुरक्षा के लिए अलग-अलग जोन में बांटा गया है.
काशी विश्वनाथ धाम में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है. यहां एक किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं और पिछले कुछ दिनों में लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. भीड़ को देखते हुए स्पर्श दर्शन और वीआईपी प्रोटोकॉल पर रोक लगा दी गई है, केवल झांकी दर्शन हो रहे हैं. वहीं उज्जैन के महाकाल मंदिर में तीन दिनों में साढ़े सात लाख भक्त दर्शन कर चुके हैं. कई मंदिरों ने साफ कहा है कि भीड़ कम होने तक वीआईपी दर्शन बंद रहेंगे और श्रद्धालु कुछ दिन बाद आने पर विचार करें.
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