नोएडा को उत्तर प्रदेश का शो विंडो कहा जाता है. ऐसे में लेकिन अब इस शहर के रखरखाव और विकास में एक बाधा पनप रही है. दरअसल, नोएडा में जमीन अब खत्म होने की कगार पर है, जिससे नोएडा विकास प्राधिकरण की कमाई पर असर पड़ सकता है.
जमीन और विकास में क्या है तालमेल
जानकारी के मुताबिक, नोएडा औद्योगिक और निजी कंपनियों का सबसे पसंदीदा शहर है. नोएडा प्राधिकरण सड़कों से लेकर शहर के रखरखाव का भी ध्यान रखता है. वह इन रखरखाव के लिए जमीन को आवंटित करके या बेच कर पैसे कमाता है. ऐसे में अगर जमीन खत्म हो गई, तो शहर की कमाई में असर पड़ सकता है.
अधिकारियों ने मांगी रिपोर्ट
इसी दिक्कत के कारण नोएडा अधिकारी चिंता व्यक्त कर रहे हैं. सरकार ने नोएडा प्राधिकरण से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. साथ ही कोई ऐसा प्लान तैयार करने बोला है, जिससे की शहर की कमाई और विकास में कोई कमी न आए.
इन चीजों पर हर साल होता मोटा खर्चा
नोएडा जितना देखने में सुंदर लगता हैं, उतना ही इसके रखरखाब में हर साल पैसा भी खर्च किया जाता है. पार्क, पानी, सीवर, सड़क और सार्वजनिक जगह पर हजारों करोड़ खर्च होता है. इसी कारण से सरकार प्राधिकरण से ऐसा कोई हल निकालने कह रही है, जिससे की कमाई पर कोई असर न पड़ पाएं.
इन नए कमाई के स्त्रोत पर विचार
नोएडा में अभी के समय नगर निगम नहीं है. इसी कारण से यहां किसी प्रकार का हाउस टैक्स भी नहीं लगता है. समस्या को देखते हुए इन विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है.
इसके अलावा मेट्रो स्टेशन के पास में नए और बड़े प्रोजेक्ट शुरू करने की संभावना
बड़े और विकास कार्यों के लिए प्राइवेट या निवेशकों से पैसा लगाकर नए विकल्प तैयार करना.
खेल और सुविधाएं प्राइवेट कंपनियों की मदद से खोलना.
ऐसा मॉडल तैयार करना, जिससे 20 से 30 साल तक आर्थिक जरूरत पूरी हो.
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