NTA Action 600 Experts Removed: इस खबर में जानिए कैसे UGC-NET के पेपर रद्द होने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने NTA में 600 विशेषज्ञों को हटाकर 4-लेवल चेकिंग और CISF सुरक्षा लागू की है.

NTA Action 600 Experts Removed: देश भर में परीक्षाओं का आयोजन कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. लगातार हो रही गड़बड़ियों और तीखी आलोचनाओं के बाद एजेंसी ने यह सख्त कदम उठाया है. एनटीए ने पेपर तैयार करने वाले अपने पुराने 600 विशेषज्ञों को हटाकर उनकी जगह नई टीम बनाई है. हाल ही में यूजीसी-नेट परीक्षा के तीन पेपर रद्द होने के बाद शिक्षा मंत्रालय एक्शन मोड में आ गया था. नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह के बीच हुई अहम बैठक के बाद इन बदलावों पर मुहर लगी है.
600 एक्सपर्ट्स की छुट्टी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. एनटीए ने प्रश्न पत्र तैयार करने वाली अपनी पूरी टीम से 600 पुराने एक्सपर्ट्स को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. उनकी जगह पूरी तरह से नए और अनुभवी विशेषज्ञों को जोड़ा गया है. इसके अलावा एनटीए के दफ्तर की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब सीआईएसएफ (CISF) को सौंपी जा रही है. यही नहीं, एजेंसी के दफ्तर को भी जल्द ही एक नई और सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने की पूरी तैयारी कर ली गई है.
क्वेश्चन पेपर की जांच के लिए 4-लेवल का नया सिस्टम
प्रश्न पत्रों में होने वाली गलतियों को रोकने के लिए अब 4-स्तरीय (Four-Level) चेकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा. अब किसी भी परीक्षा का पेपर अभ्यर्थियों तक पहुँचने से पहले चार अलग-अलग चरणों की कड़ी जांच से गुजरेगा. इससे अनुवाद, टाइपिंग और तथ्यों से जुड़ी गलतियों की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी. इसके साथ ही एजेंसी के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए अगले दो से तीन हफ्तों में 20 से 25 नए अफसरों को भी टीम में शामिल किया जाएगा.
यूजीसी-नेट के तीन पेपर क्यों करने पड़े रद्द?
एनटीए के इस बड़े एक्शन की मुख्य वजह हाल ही में रद्द हुए यूजीसी-नेट के तीन पेपर बने. जून 2026 में हुई इस परीक्षा में अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपरों में काफी गड़बड़ियां सामने आई थीं. छात्रों और विशेषज्ञों की शिकायतों के बाद जब जांच कमेटी बैठी, तो पेपरों में अनुवाद और तथ्यों से जुड़ी भारी गलतियां पाई गईं. इसके बाद एनटीए ने इन तीनों विषयों की परीक्षा रद्द करके दोबारा कराने का फैसला लिया था. इस लापरवाही के बाद विपक्ष ने सरकार और एनटीए को आड़े हाथों लिया था.
नीट और सीयूईटी जैसी बड़ी परीक्षाओं पर असर
एनटीए देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं को आयोजित कराने की जिम्मेदारी संभालता है. इनमें नीट-यूजी (NEET UG), सीयूईटी (CUET) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी परीक्षाएं शामिल हैं. पिछले कुछ समय से परीक्षाओं की गोपनीयता और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे थे. नीट-यूजी विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में भी फेरबदल हुआ था. ऐसे में अब नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य की सभी परीक्षाओं में सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर से कोई समझौता न किया जाए.
छात्रों का भरोसा दोबारा जीतने की कोशिश
इन सभी बड़े और कड़े बदलावों के जरिए सरकार और एनटीए लाखों छात्रों का खोया हुआ भरोसा वापस पाना चाहते हैं. परीक्षाओं में होने वाली छोटी-सी गलती भी लाखों युवाओं के भविष्य और कड़ी मेहनत पर पानी फेर देती है. नए 4-लेवल चेकिंग सिस्टम, एक्सपर्ट्स की नई टीम और सीआईएसएफ की सुरक्षा से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में देश में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाएं बिना किसी विवाद, लीक या गलती के पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होंगी.
