गृह मामलों की संसदीय समिति की बैठक के दौरान काफी हंगामा हुआ है. बैठक में विपक्षी सदस्यों ने पैलेट गन और जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज पर चर्चा करने की मांग की, लेकिन समिति के अध्यक्ष ने इस बात से मना कर दिया. जिसको लेकर काफी हंगामा हुआ.
गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक के दौरान हंगामा हुआ है. बताया जा रहा है कि विपक्ष के सदस्यों ने पैलेट गन के इस्तेमाल पर चर्चा करने को लेकर मांग की. साथ ही जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर भी चर्चा करने को लेकर कहा. जानकारी के मुताबिक समिति के अध्यक्ष ने चर्चा की परमिशन देने से मना कर दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए पहले ही एक समिति गठित कर दी है. उन्होंने कहा कि सिर्फ एजेंडा में शामिल विषयों पर ही चर्चा की जाएगी.
जून में की थी बैठक
आपको बता दें कि राज्यसभा की गृह मामलों की समिति ने बच्चों के खिलाफ अपराध मामले पर बैठक बुलाई थी. इस समिति के अध्यक्ष बीजेपी राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल हैं. जानकारी के मुताबिक इससे पहले जून में हुई बैठक में समिति ने गृह मंत्रालय और एनसीआरबी (NCRB) के अधिकारियों के साथ बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की चुनौती की समीक्षा की थी.
बच्चोँ के खिलाफ अपराध में बढ़ोतरी
जानकारी के मुताबिक यह समीक्षा एनसीआरबी के नए आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए की गई थी, जिसमें दिखाया गया था कि साल 2024 में पूरे भारत में बच्चों के खिलाफ अपराध के 1,87,702 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 में दर्ज किए गए 1,77,335 मामलों से 5.9% ज्यादा है. आंकड़ों से यह भी पता लगता था कि बच्चों के खिलाफ राष्ट्रीय अपराध दर में बढ़ोतरी हुई है और यह प्रति एक लाख बाल जनसंख्या पर 42.3 मामले हो गए हैं, जबकि साल 2023 में यह आंकड़ा 39.9 था
पटना में भी हुई बैठक
आपको बता दें कि सोमवार को संसदीय स्थायी समिति की पटना में भी एक बैठक हुई थी, जिसमें बिहार के हवाई अड्डे के विस्तार, राजमार्ग संपर्क और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की विस्तृत समीक्षा की गई थी. राज्यसभा सदस्य और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर संसदीय स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता की थी. उन्होंने बताया, चर्चा में राज्य की कुछ प्रमुख परियोजनाओं को शामिल किया गया. इनमें पटना, दरभंगा, पूर्णिया और गया हवाई अड्डों का विस्तार, दरभंगा और पूर्णिया हवाई अड्डों के लिए फोर लेन की कनेक्टिविटी, चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं और बिहार की पारंपरिक कला और संस्कृति का संरक्षण शामिल हैं.
