बीजेपी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने राज्य में गठबंधन की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंन. इस दौरान कहा कि राज्य में किसी के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा. अब साफ हो गया है कि पंजाब में बीजेपी अकेले ही सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
पंजाब में अकाली दल और बीजेपी के साथ गठबंधन की अटकलों पर अब विराम लगता दिखाई दे रहा है. अब पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने गठबंधन की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि किसी के साथ कोई अलायंस नहीं किया जाएगा. इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी पंजाब की सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी, हमें पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में भी भरपूर समर्थन मिल रहा है. इस दौरान केवल सिंह ने कांग्रेस और AAP पर भी निशाना साधा और कहा कि पंजाब के लोगों ने कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी की सरकार बना कर देख ली है, अब वो बीजेपी को मौका देंगे.
विकास के मामले में 22 नंबर पर पंजाब- केवल सिंह ढिल्लों
उन्होंने कहा कि बीजेपी की देश के 22 राज्यों में सरकारें हैं, पंजाब में बीजेपी सरकार नहीं है, इसलिए पंजाब विकास के मामले में पिछड़कर 22 नंबर पर चला गया है. आपको बता दें कि इससे पहले सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने भी कहा था कि बीजेपी पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी. उन्होंने पंजाब में पार्टी की संगठनात्मक स्थिति और आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अपना दो दिवसीय दौरा शुरू किया और पटियाला व बठिंडा में कार्यकर्ताओं की दो जोनल बैठकों को संबोधित करते हुए ये बात कही थी.
सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी BJP
जानकारी के मुताबिक पटियाला में पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बी.एल. संतोष के हवाले से कहा गया कि पंजाब बदलाव के लिए तैयार है और इस बदलाव में बीजेपी अहम भूमिका निभाएगी. इस दौरान कहा गया कि बीजेपी इस बदलाव को हकीकत में बदलने के लिए पूरी तरह तैयार है. आने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करके राज्य में अपनी सरकार बनाएगी.
सुखबीर बादल और PM मोदी की मुलाकात
आपको बता दें कि केवल सिंह ढिल्लों और बी.एल. संतोष का यह बयान शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की 7 अगस्त को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के कुछ दिनों बाद आया है, जिससे SAD के अपने पुराने सहयोगी बीजेपी के साथ फिर से जुड़ने की चर्चाओं को हवा मिली है.
