pakistan imf loan agreement: पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच 1.2 अरब डॉलर के नए कर्ज को लेकर स्टाफ स्तर पर समझौता हो गया है, जिससे देश की डूबती अर्थव्यवस्था को संभालने की कोशिश की जा रही है. मिडिल ईस्ट संकट के कारण पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे महंगाई दर बढ़कर 7 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है.

pakistan imf loan agreement: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है. तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई के कारण वहां हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं. ऐसे समय में पाकिस्तान को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी International Monetary Fund से आर्थिक मदद मिलने की संभावना है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान को करीब 1.2 अरब डॉलर का नया कर्ज मिल सकता है. यह रकम देश की कमजोर अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए दी जा सकती है.
आईएमएफ ने शुक्रवार को जानकारी दी कि पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच लोन प्रोग्राम को लेकर स्टाफ स्तर पर समझौता हो गया है. इसका मतलब यह है कि फंडिंग देने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है. हालांकि अभी अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है. जब तक आईएमएफ का बोर्ड इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देता. तब तक यह रकम पाकिस्तान को जारी नहीं की जाएगी. फिर भी इसे आर्थिक मदद मिलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
अगर इस समझौते को आईएमएफ बोर्ड की मंजूरी मिल जाती है. तो पाकिस्तान को अलग-अलग योजनाओं के तहत पैसा दिया जाएगा. एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी के तहत लगभग 1 अरब डॉलर मिल सकते हैं. वहीं रेजिलियंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी के तहत करीब 210 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे. इस रकम के मिलने के बाद मौजूदा प्रोग्राम के तहत पाकिस्तान को मिलने वाली कुल फंडिंग करीब 4.5 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी. अभी तक पाकिस्तान को आईएमएफ की तरफ से लगभग 3.3 अरब डॉलर का कर्ज मिल चुका है.
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर मानी जा रही है. महंगाई वहां बड़ी समस्या बन चुकी है. जनवरी के मुकाबले फरवरी में महंगाई दर बढ़कर लगभग 7 प्रतिशत हो गई है. जबकि जनवरी में यह करीब 5.8 प्रतिशत थी. देश के केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि साल 2026 में महंगाई 5 से 7 प्रतिशत के बीच रह सकती है. खाने-पीने की चीजों, बिजली और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह बताई जा रही है. आर्थिक विकास की रफ्तार भी धीमी है. अनुमान है कि 2026 में पाकिस्तान की जीडीपी ग्रोथ करीब 3.6 प्रतिशत रह सकती है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों पर भी पड़ा है. तेल की सप्लाई प्रभावित होने से वहां पेट्रोल और डीजल दोनों महंगे हो गए हैं. मार्च 2026 में पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. इसके बाद पेट्रोल की कीमत करीब 321 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. वहीं डीजल की कीमत करीब 335 रुपये प्रति लीटर हो गई है. महंगे ईंधन और बढ़ती महंगाई के कारण आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे में पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मदद पर निर्भर होता दिखाई दे रहा है.
