pentagon lockdown: अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन के कुछ हिस्सों में हवा की क्वालिटी खराब होने और संदिग्ध पदार्थ मिलने के बाद अचानक लॉकडाउन लगाकर सुरक्षा टीमों को तैनात किया गया. हालांकि, बाद में हुई जांच से साफ हो गया कि यह पूरी अफरा तफरी सुरक्षा सिस्टम के एक गलत अलार्म बजने की वजह से हुई थी.

pentagon lockdown: अमेरिका के रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है. वहां की इमारत के एक हिस्से में अचानक कोई संदिग्ध और खतरनाक पदार्थ मिलने से हड़कंप मच गया. मामला इतना गंभीर था कि तुरंत सुरक्षा से जुड़े इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए. हालात को देखते हुए पेंटागन के कई फ्लोर और कॉरिडोर को पूरी तरह सील कर दिया गया. इसके तुरंत बाद ही वहां खतरनाक रसायनों से निपटने वाली विशेष HAZMAT (हजमत) टीमों को बुलाया गया. ये टीमें ऐसे पदार्थों की जांच करती हैं जो इंसानों की सेहत और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं.
इस पूरी घटना को लेकर पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने मीडिया को आधिकारिक जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि इमारत के भीतर लगे अत्याधुनिक सिक्योरिटी सिस्टम ने हवा की क्वालिटी में अचानक खराबी का पता लगाया था. जैसे ही यह गड़बड़ी पकड़ी गई, सुरक्षा के लिहाज से एहतियाती कदम उठाए गए. पूरे प्रभावित इलाके में तुरंत लॉकडाउन लगा दिया गया. प्रशासन ने उस हिस्से में मौजूद सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को ‘शेल्टर इन प्लेस’ का आदेश दिया. इसका सीधा मतलब यह है कि जो व्यक्ति जहां है, उसे वहीं सुरक्षित रहने की हिदायत दी गई.
सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन के अंदर बने कॉरिडोर नंबर 4 से लेकर 7 तक में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई थी. इन कॉरिडोर की दूसरी मंजिल से लेकर पांचवीं मंजिल तक के पूरे इलाके को तुरंत बंद कर दिया गया था. इमारत के बाकी हिस्सों में मौजूद लोगों को सुरक्षा के तहत धीरे धीरे बाहर निकाला गया. इस दौरान वहां का नजारा काफी डराने वाला था क्योंकि जांच के लिए पहुंची पुलिस और रिस्पॉन्स टीमों ने चेहरे पर गैस मास्क लगा रखे थे. वे केमिकल हमलों से बचाने वाले विशेष सुरक्षा गियर पहने हुए थे.
पेंटागन की तरफ से जारी शुरुआती बयान में कहा गया था कि इस पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है. इस प्रक्रिया में कम से कम एक से दो घंटे का समय लग सकता है. मुख्यालय के भीतर फंसे लोगों की मदद के लिए मेडिकल और रेस्क्यू टीमें भी पूरी तरह तैयार मोड पर रखी गई थीं. सुरक्षा अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि हवा में यह खराबी किसी बाहरी हमले की वजह से हुई है या फिर इमारत के अंदर ही किसी केमिकल या गैस लीक के कारण ऐसा हुआ है.
हालांकि, इस पूरे ड्रामे के बाद रॉयटर्स की एक ताजा रिपोर्ट ने राहत की खबर दी है. नई रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरी अफरा तफरी सुरक्षा सिस्टम के गलत अलार्म बजने की वजह से हुई थी. राहत की बात यह रही कि वहां किसी भी तरह का कोई जहरीला या जानलेवा केमिकल नहीं पाया गया है. इसके बावजूद अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. इमारत की पूरी तरह से दोबारा जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी तकनीकी खराबी से बचा जा सके.
