petrol diesel lpg gas price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $126 प्रति बैरल के पार होने के कारण सरकार पेट्रोल-डीजल में ₹4-5 और घरेलू एलपीजी में ₹50 तक की बढ़ोतरी पर विचार कर रही है. पिछले चार वर्षों से कीमतें स्थिर रहने के बावजूद ईरान-अमेरिका तनाव और आपूर्ति लागत बढ़ने से तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है.

petrol diesel lpg gas price: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक सरकार इन ईंधनों की कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है. अगर फैसला लिया गया तो पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं. वहीं घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी लगभग 40 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. सरकार इस मुद्दे पर सभी पहलुओं पर विचार कर रही है.
यह चर्चा ऐसे समय में सामने आई है जब 1 मई 2026 से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 93 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. इसके बाद अब पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस की कीमतों को लेकर भी विचार किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार सरकार और तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है. इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का लगातार बढ़ना है. खासकर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर भी तेल की कीमतों पर पड़ रहा है.
बताया जा रहा है कि ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत हाल ही में 126 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है. यह मार्च 2022 के बाद सबसे ज्यादा स्तर माना जा रहा है. कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण तेल कंपनियों की लागत बढ़ रही है. इससे सरकार के खजाने पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. इसलिए सरकार कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के जरिए इस दबाव को कम करने के विकल्प तलाश रही है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सरकार अभी पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर बनाए हुए है. आने वाले 5 से 7 दिनों में इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है.
सरकारी अधिकारियों के अनुसार अगर कीमतें बढ़ाने का फैसला होता है तो करीब चार साल बाद पेट्रोल और डीजल के दाम में बदलाव होगा. साल 2022 के बाद से अब तक इनकी कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. इस बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कई बार उतार-चढ़ाव आया. इसके बावजूद देश में ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा गया. सरकार का कहना है कि वह महंगाई पर कम से कम असर पड़े, इसके लिए सभी संभावित विकल्पों पर विचार कर रही है.
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पिछले चार साल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए. उन्होंने बताया कि बीते 60 दिनों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण कच्चे तेल के आयात की लागत बढ़ी है. इसके बावजूद देश में ईंधन की सप्लाई प्रभावित नहीं हुई. उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई देशों में ईंधन को लेकर लंबी लाइनें और सीमित आपूर्ति देखने को मिली, लेकिन भारत में ऐसी स्थिति नहीं बनने दी गई. फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर है. वहीं रसोई गैस की कीमत दिल्ली में 913 रुपये के आसपास बनी हुई है.
