rbi brings back gold from uk: वैश्विक तनाव और राजनीतिक जोखिम को देखते हुए RBI ने पिछले छह महीनों में 104 टन सोना विदेशों से वापस मंगाया है, जिससे अब भारत का 77% स्वर्ण भंडार देश के भीतर सुरक्षित हो गया है. विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 16.7% हो गई है, क्योंकि भारत अपनी संपत्तियों को विदेशी नियंत्रण से मुक्त कर घरेलू तिजोरियों में रखने को प्राथमिकता दे रहा है.

rbi brings back gold from uk: दुनिया भर में इस समय सोने को लेकर एक नया ट्रेंड दिखाई दे रहा है. कई देश अब अपना सोना विदेशों से वापस अपने देश में ला रहे हैं. पहले बड़ी मात्रा में गोल्ड को लंदन और न्यूयॉर्क जैसे वित्तीय केंद्रों में रखा जाता था. वहां की तिजोरियों को सबसे सुरक्षित माना जाता था. लेकिन अब वैश्विक तनाव और राजनीतिक जोखिम बढ़ने के कारण देशों का भरोसा धीरे-धीरे बदल रहा है. यही वजह है कि कई देश अपने सोने को वापस घरेलू भंडार में रखने लगे हैं. भारत भी इस दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है और विदेशों में रखा अपना सोना धीरे-धीरे देश के अंदर ला रहा है.
भारत का केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. RBI की हालिया रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच भारत के कुल 880.52 टन सोने में से लगभग 77 प्रतिशत अब देश के अंदर रखा गया है. यानी करीब 680 टन गोल्ड भारत की तिजोरियों में मौजूद है. बाकी लगभग 197.67 टन सोना अभी भी विदेशों में रखा हुआ है. यह सोना मुख्य रूप से बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास रखा गया है. इसके अलावा लगभग 2.8 टन सोना डिपॉजिट के रूप में रखा गया है.
सोना वापस लाने की रफ्तार पिछले कुछ महीनों में काफी तेज हो गई है. रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ छह महीनों में RBI ने करीब 104.23 टन सोना विदेशों से वापस मंगाया है. कुछ साल पहले तक स्थिति अलग थी. मार्च 2023 में भारत के कुल सोने का सिर्फ 37 प्रतिशत हिस्सा ही देश के अंदर था. अब यह आंकड़ा तेजी से बढ़ गया है. इसका एक बड़ा कारण दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी देशों द्वारा अफगानिस्तान की संपत्तियों को फ्रीज करने जैसी घटनाओं ने कई देशों को सोचने पर मजबूर किया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश में रखा पैसा या सोना कभी-कभी राजनीतिक फैसलों की वजह से जोखिम में पड़ सकता है. इसी कारण कई केंद्रीय बैंक अब अपनी संपत्तियों को अपने ही नियंत्रण में रखना चाहते हैं. विश्लेषकों का कहना है कि अगर संकट की स्थिति पैदा हो जाए तो अपने देश में रखा सोना ज्यादा काम आता है. इसे जरूरत के समय जल्दी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसी सोच के कारण भारत समेत कई देश धीरे-धीरे अपना सोना वापस ला रहे हैं.
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भी अब सोने की हिस्सेदारी बढ़ती दिखाई दे रही है. हाल के आंकड़ों के मुताबिक देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड का हिस्सा बढ़कर लगभग 16.7 प्रतिशत हो गया है. कुछ समय पहले यह लगभग 13.9 प्रतिशत था. हालांकि कुल विदेशी मुद्रा भंडार घटकर करीब 691.1 अरब डॉलर रह गया है. इसके बावजूद भारत सोने को ज्यादा महत्व दे रहा है. पहले विदेशों में सोना इसलिए रखा जाता था क्योंकि वहां ट्रेडिंग आसान होती थी और बाजार ज्यादा सक्रिय था. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. इसलिए भारत संतुलन की नीति अपना रहा है. कुछ सोना विदेशों में रखा जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर ट्रेडिंग आसान रहे. वहीं ज्यादातर सोना देश के अंदर सुरक्षित रखा जा रहा है ताकि उस पर भारत का सीधा नियंत्रण बना रहे.
