pm modi global fintech fest: ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में पीएम मोदी द्वारा यूपीआई की 10 साल की सफलता पर दिए गए बड़े बयानों को जानिए. इस खबर में समझें कि कैसे यूपीआई अब दुनिया के पेमेंट सिस्टम से जुड़ेगा और नया इतिहास रचेगा.

pm modi global fintech fest: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का भव्य उद्घाटन किया. 8 से 11 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में पीएम ने यूपीआई की ताकत का जिक्र किया. उन्होंने यूपीआई को फिनटेक इंडस्ट्री का सबसे बड़ा चैंपियन बताया. पीएम मोदी ने कहा कि 25 अगस्त को यूपीआई ने अपने शानदार 10 साल पूरे कर लिए हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि आज जब भी फिनटेक की बात होती है, तो यूपीआई के बिना वह चर्चा अधूरी रह जाती है. इस तकनीक ने करोड़ों आम भारतीयों को सीधे बैंकिंग से जोड़ा है.
बैंकिंग को उंगलियों पर लाया भारत का यूपीआई
प्रधानमंत्री ने 10 साल पुराने दौर को याद करते हुए एक बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि जब वह पहले कहते थे कि बैंकिंग सिस्टम आपकी उंगलियों पर होगा, तब कई लोग इसे असंभव मानते थे. लेकिन आज भारत के करोड़ों लोग, जो सालों से बैंकों से दूर थे, वही इस फिनटेक ग्रोथ की सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं. यूपीआई ने भारत के डिजिटल पेमेंट सफर को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है. अब छोटा-बड़ा हर व्यापारी और आम नागरिक बेहद आसानी से मोबाइल से लेनदेन कर रहा है.
10 मिनट में होते हैं 50 लाख से ज्यादा ट्रांजैक्शन
पीएम मोदी ने यूपीआई के बड़े पैमाने को समझाने के लिए आंकड़े पेश किए. उन्होंने बताया कि अकेले अगस्त महीने में ही 2400 करोड़ से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए हैं. जितने समय में लोग इस कार्यक्रम में बैठे हैं, यानी महज 10 मिनट के भीतर देशभर में 50 लाख से ज्यादा ट्रांजैक्शन हो जाते हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी भारत के इस डिजिटल बदलाव की खुलकर तारीफ की थी. उन्होंने इसे सिर्फ एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक बड़ा सभ्यतागत बदलाव बताया था.
दुनिया के 11 देशों में पहुंचा भारत का यूपीआई
डिजिटल पेमेंट का यह नेटवर्क अब सिर्फ भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा. आज भारत का यूपीआई दुनिया के 11 अलग-अलग देशों में अपनी सेवा दे रहा है. कुछ साल पहले तक यह सोचना भी मुश्किल था कि विदेश में बैठकर कोई भारत के बैंक अकाउंट से पेमेंट कर पाएगा. लेकिन आज यह व्यवस्था पूरी तरह से काम कर रही है. पीएम ने इसे देश के डिजिटल सफर का एक बहुत बड़ा पड़ाव बताया. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत को इतने पर ही नहीं रुकना है.
एक सफलता पर रुकने वालों में से नहीं हैं मोदी
अपने 25 साल के सार्वजनिक और प्रशासनिक अनुभव का जिक्र करते हुए पीएम ने अपनी नीति साफ की. उन्होंने कहा कि जो लोग उन्हें जानते हैं, वे बेहतर समझते हैं कि मोदी एक पड़ाव पर जश्न मनाकर बैठने वालों में से नहीं हैं. एक लक्ष्य पूरा होते ही वह उससे भी बड़े लक्ष्य की तैयारी में जुट जाते हैं. इसलिए फिनटेक के क्षेत्र में मिली इस अभूतपूर्व सफलता को भी अंतिम पड़ाव मानकर नहीं बैठा जा सकता. हमें लगातार नए तकनीकी बदलावों के लिए तैयार रहना होगा.
ग्लोबल पेमेंट सिस्टम से जोड़ना है अगला बड़ा लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने फिनटेक सेक्टर के सामने आगे का सबसे बड़ा लक्ष्य रखा. उन्होंने कहा कि अब यूपीआई को दुनिया के अन्य देशों के लोकल पेमेंट सिस्टम से सीधा जोड़ना होगा. उन्होंने सिंगापुर का उदाहरण देते हुए बताया कि भारत और सिंगापुर के बीच अब लेनदेन ऐसे होता है, जैसे एक ही शहर के दो मोहल्लों में हो रहा हो. अब इसी तरह का कनेक्शन उन सभी देशों के साथ बनाना होगा, जहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं या जहां से भारत का बड़ा व्यापार होता है.
