प्रयागराज में शब-ए-बारात के मौके पर बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तान पहुंचे. इसी दौरान किसी ने अतीक अहमद और अशरफ और असद की कब्रों पर भी फूल चढ़ा दिए. हालांकि अभी तक यह पता नहीं लगा है कि उनकी कब्र पर फूल किसने चढ़ाए.
अतीक अहमद की कब्र पर चढ़े फूल
शब-ए-बारात पर प्रयागराज में बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तानों में गए और अपने परिजनों की कब्रों को ऊपर फूल चढ़ाए और फातिहा पढ़ी. वहीं इसी बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया. कसारी मसारी कब्रिस्तान में अतीक अहमद और अशरफ और असद की कब्र पर भी फूल चढ़े हुए मिले हैं. हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ये फूल किसने चढ़ाए हैं.
कब्रिस्तानों में पढ़ी फातिहा
इस्लाम में शब-ए-बारात को मुकद्दस त्यौहार माना जाता है. इसी मौके पर प्रयागराज में बड़ संख्या में लोग कब्रिस्तानों में अपने परिजनों की कब्रों पर पहुंचे थे. जहां जाकर लोगों ने परिजनों की कब्रों पर फूल चढ़ाकर फातिहा पढ़ी. इसी दौरान कसारी मसारी कब्रिस्तान में बनी अतीक अहमद औऱ उसके बेटे असद और उसके भाई अशरफ की कब्र पर भी फूल चढ़ें हुए मिले.
अतीक के परिवार का नहीं था कोई भी
अब यह बात तेज हो गई है, कि आखिर उन लोगों की कब्र पर फूल चढ़ाए किसने. जानकारी के मुताबिक इन कब्रों पर फूलों को चढ़ाने के लिए अतीक के बेटे अबान और ऐजम इस मौके पर वहां नहीं पहुंचे थे. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर लोग परंपरा के मुताबिक आसपास में बनी सूनी कब्रों पर भी फूल चढ़ा देते हैं. हालांकि इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई बयान नहीं आया है.
लोग चढ़ा देते हैं सूनी कब्रों पर फूल
इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कब्रिस्तान में अतीक, असद और अशरफ के अलावा उनके वालिद समेत परिवार के और भी कई लोगों की कब्रें मौजूद हैं. शब-ए-बारात पर अतीक, असद और अशरफ की कब्रों पर भी फूल चढ़े हुए मिले. हालांकि अभी तक यह पता नहीं लग पाया है कि उनकी कब्रों पर फूल किसने चढ़ाए. लोगों का कहना है कि लोग यहां आकर सूनी पड़ी कब्रों पर भी फूल चढ़ा देते हैं.
