CM dhami champawat khatima visit: चंपावत और खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यक्रमों में भारी भीड़ उमड़ी, जिससे उनके प्रति मजबूत जनसमर्थन दिखा है. पूर्णागिरी मेला शुभारंभ, शारदा कॉरिडोर और होली मिलन समारोहों के जरिए आस्था और विकास का संदेश दिया गया है.

CM dhami champawat khatima visit: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आस्था और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं. हाल ही में उनके चंपावत और खटीमा दौरे में बड़ी संख्या में लोग जुटे. हर कार्यक्रम में जनसैलाब उमड़ा. इससे साफ दिखा कि जनता उनके कामों से संतुष्ट है. लोगों का उत्साह यह संदेश दे रहा था कि वे मुख्यमंत्री के विजन के साथ खड़े हैं. यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं था. इसमें विकास योजनाओं और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता की झलक साफ दिखाई दी.
सबसे पहले मुख्यमंत्री ने मां पूर्णागिरी धाम मेले का शुभारंभ किया. पूर्णागिरी मंदिर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी भी दी. उन्होंने पार्किंग, पेयजल और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर दिया. श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित शारदा कॉरिडोर पर तेजी से काम हो रहा है. पहले चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू किए गए हैं. गोल्ज्यू कॉरिडोर का निर्माण भी मास्टर प्लान के तहत आगे बढ़ रहा है. करीब 430 करोड़ रुपये की यह योजना क्षेत्र के समग्र विकास में अहम मानी जा रही है.
टनकपुर में 238 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी का निर्माण कार्य जारी है. इसके बनने से स्थानीय लोगों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी. पर्यटकों के लिए भी सफर आसान होगा. दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निरीक्षण किया. उन्होंने निर्माण में तेजी और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बेटियों को बेहतर खेल सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है. युवा शक्ति को आगे बढ़ाना उनका संकल्प है.
इसके बाद मुख्यमंत्री काली कुमाऊं होली रंग महोत्सव और खटीमा के होली मिलन समारोह में शामिल हुए. हर जगह भारी भीड़ नजर आई. लोगों ने रंगों और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया. धामी जिंदाबाद के नारे गूंजते रहे. यह सिर्फ उत्सव नहीं था. यह जनता और नेतृत्व के बीच गहरे विश्वास का प्रतीक था. माहौल में अपनापन साफ दिख रहा था.
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है. कुछ लोग तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति में लगे हैं. ऐसी सोच से प्रदेश का संतुलित विकास संभव नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि देवभूमि की अस्मिता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. जरूरत पड़ी तो कठोर फैसले भी लिए जाएंगे. चंपावत और खटीमा का यह दौरा आस्था, विकास और जनविश्वास का मजबूत संदेश देकर गया.
