Rahul gandhi attacks modi govt: इस खबर में जानिए कैसे राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जाति जनगणना में धांधली का आरोप लगाया और OBC समाज की ताकत की तुलना युवा आंदोलन से की.

Rahul gandhi attacks modi govt: जाति जनगणना और पिछड़ा वर्ग के हक को लेकर देश में राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर लिया है. कांग्रेस के OBC विभाग के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने साफ कहा कि अगर पिछड़ा समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट हो गया, तो सरकार को उनकी मांगें माननी ही पड़ेंगी. उन्होंने हाल ही में हुए युवाओं के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब कम संख्या में छात्र अपनी बात मनवा सकते हैं, तो इतना बड़ा वर्ग क्या कुछ नहीं कर सकता.
जाति जनगणना पर राहुल गांधी का बड़ा बयान
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शुरुआत में देश में जाति जनगणना कराने के मूड में बिल्कुल नहीं थी. उन्होंने कहा कि जब विपक्ष और समाज के लोग यह मांग उठा रहे थे, तब प्रधानमंत्री ने इस मांग को दबाने की कोशिश की थी. राहुल का कहना है कि सरकार ने मांग उठाने वालों को ‘अर्बन नक्सल’ तक कह दिया था. हालांकि, बाद में पिछड़े समाज की भारी आबादी और राजनीतिक दबाव के चलते सरकार को पीछे हटना पड़ा. आखिरकार सरकार को जाति जनगणना कराने का फैसला लेना ही पड़ा.
जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर उठाए सवाल
विपक्ष के नेता ने सरकार द्वारा कराई जा रही जाति जनगणना के तरीके पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि कागजों पर जनगणना भले हो रही हो, लेकिन इसे सही ढंग से नहीं किया जा रहा. जिस तरह अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए अलग से कॉलम बनाए जाते हैं, वैसा कॉलम पिछड़े वर्ग के लिए नहीं रखा गया है. राहुल गांधी के मुताबिक, बिना सही आंकड़े और कॉलम के पिछड़े समाज को उनका असली हक और हिस्सेदारी मिलना मुश्किल होगा.
‘छात्र आंदोलन’ का दिया बड़ा उदाहरण
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने हाल ही में हुए Gen Z यानी युवाओं के सड़क पर उतरे आंदोलन की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले छात्रों ने अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था. युवाओं के उस कड़े विरोध के आगे आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा था और उनकी मांगें माननी पड़ी थीं. राहुल ने इसी घटना का जिक्र करते हुए देश के पिछड़े समाज को उनकी ताकत का अहसास कराने की कोशिश की.
‘सड़क पर उतरे तो झुकना पड़ेगा’
युवाओं के आंदोलन की तुलना पिछड़े समाज की आबादी से करते हुए राहुल गांधी ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि देश में OBC समुदाय की संख्या छात्रों या युवाओं के उस आंदोलन से कई गुना ज्यादा है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह पूरा समाज एक साथ अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर आ जाए, तो क्या होगा. राहुल का मानना है कि ऐसी स्थिति बनने पर मोदी सरकार को पिछड़े समाज की हर मांग के आगे झुकना ही पड़ेगा.
अधिकारों और हिस्सेदारी के लिए एकजुट होने की अपील
संबोधन के आखिर में राहुल गांधी ने OBC समुदाय के लोगों से अपने अधिकारों को लेकर सजग रहने को कहा. उन्होंने अपील की कि समाज के लोगों को अपने वाजिब प्रतिनिधित्व और सरकारी योजनाओं में सही हिस्सेदारी के लिए आवाज उठानी चाहिए. उन्होंने साफ किया कि जब तक समाज खुद आगे आकर अपने हक के लिए नहीं बोलेगा, तब तक व्यवस्था में उनके साथ सही न्याय होना कठिन रहेगा.
