Rahul Gandhi Letter: ये खबर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा कांग्रेस संगठन को लिखे गए उस पत्र की जानकारी देता है, जिसमें उन्होंने देश के युवाओं की समस्याओं को उठाने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को सफल बनाने की अपील की है.

Rahul Gandhi Letter: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के सभी बड़े और छोटे पदाधिकारियों को एक खास चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी के जरिए उन्होंने कांग्रेस के महासचिवों, राज्यों के अध्यक्षों (PCC), जिला और शहर के कप्तानों (DCC) से एक बड़ी अपील की है. उन्होंने कहा है कि युवा कांग्रेस (IYC) और छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) मिलकर ‘छात्रों की गूंज’ नाम का एक बड़ा आंदोलन चला रहे हैं. राहुल गांधी चाहते हैं कि कांग्रेस का हर एक नेता और कार्यकर्ता इस अभियान को कामयाब बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दे और युवाओं के साथ जमीन पर खड़ा नजर आए.
अपनी इस चिट्ठी में राहुल गांधी ने देश के युवाओं की मौजूदा हालत पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि आज का नौजवान एक बहुत बड़े संकट का सामना कर रहा है. आए दिन होने वाले पेपर लीक, परीक्षाओं का बार-बार रद्द होना, फिर से एग्जाम कराने का नाटक और सरकारी नौकरियों के रिजल्ट में महीनों की देरी ने युवाओं की कमर तोड़ दी है. सरकारी विभागों में लाखों पद खाली पड़े हैं और बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है. इसके ऊपर से पढ़ाई-लिखाई का खर्च इतना महंगा हो गया है कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट का कबाड़ा हो गया है.
राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा शहर में हुई अपनी पुरानी रैली का जिक्र भी इस पत्र में किया है. उन्होंने बताया कि कोटा में ‘छात्रों की गूंज’ रैली के दौरान उन्होंने देश की पढ़ाई व्यवस्था को लेकर एक नई बहस शुरू की थी. उनका साफ कहना है कि आज का एजुकेशन सिस्टम युवाओं को आगे बढ़ने के मौके देने के बजाय उन पर मानसिक और आर्थिक बोझ डाल रहा है. हालात इतने खराब हो चुके हैं कि बच्चों को पढ़ाने के चक्कर में कई परिवार कर्ज के दलदल में धंसते जा रहे हैं. वे तनाव और अनिश्चितता के ऐसे मकड़जाल में फंस गए हैं जहाँ से निकलने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा.
राहुल गांधी के मुताबिक, शिक्षा का असली मकसद यह होना चाहिए कि युवा अपनी पसंद का काम चुन सकें, नए हुनर सीखें और अपना भविष्य सुरक्षित कर सकें. लेकिन आज देश में इसके ठीक उलट काम हो रहा है. उन्होंने नेताओं को समझाया कि देशभर में छात्रों के साथ जो शोषण और उत्पीड़न हो रहा है, उसे सबके सामने लाना बहुत जरूरी है. इसके लिए एक बड़े जन-जागरण अभियान की जरूरत है ताकि सोई हुई व्यवस्था को जगाया जा सके. इसीलिए उन्होंने कांग्रेस के पूरे संगठन को इस छात्र आंदोलन के पीछे मजबूती से खड़े होने का आदेश दिया है.
चिट्ठी के आखिरी हिस्से में उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से कहा कि इस अभियान को सिर्फ शहरों तक न रखें, बल्कि गाँव-गाँव और घर-घर तक पहुँचाएं. जब तक युवाओं की ये दिक्कतें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुद्दा नहीं बनेंगी, तब तक सरकार पर दबाव नहीं बनेगा. राहुल गांधी ने साफ किया कि कांग्रेस का अंतिम लक्ष्य एक ऐसा नया सिस्टम तैयार करना है, जहाँ देश के हर बच्चे को अच्छी और सस्ती शिक्षा मिले, रोजगार के पक्के साधन हों और युवाओं को आगे बढ़ने के लिए सरकार का पूरा सहयोग मिल सके.
