Karachi Blast: पाकिस्तान के कराची में रेंजर्स मुख्यालय के पास हुए संदिग्ध आत्मघाती हमले, उसके बाद हुई मुठभेड़ और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की पूरी जानकारी देता है.

Karachi Blast: पाकिस्तान के कराची शहर से एक बहुत ही हैरान करने वाली और बड़ी खबर आ रही है. वहाँ के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में बने पाकिस्तान रेंजर्स के हेडक्वार्टर (मुख्यालय) के पास अचानक जबरदस्त धमाके और ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू हो गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह एक आत्मघाती हमला (सुसाइड अटैक) हो सकता है. बताया जा रहा है कि एक सुसाइड बॉम्बर ने रेंजर्स के इस सुरक्षित ठिकाने को निशाना बनाकर खुद को उड़ा लिया. इसके ठीक बाद उसके कुछ और साथियों ने वहां तैनात सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया, जिसके बाद दोनों तरफ से भीषण मुठभेड़ छिड़ गई.
वहाँ मौजूद लोगों और सूत्रों का कहना है कि जो पहला धमाका हुआ था, वो बहुत ही जोरदार और डरावना था. उस बड़े धमाके की गूंज शांत भी नहीं हुई थी कि बैक-टू-बैक दो और छोटे-छोटे विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं. धमाकों के बाद सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच करीब आधे घंटे तक लगातार गोलीबारी होती रही. पूरा इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा. यह हमला गुलिस्तान-ए-जौहर की उसी मुख्य सड़क पर हुआ है जो कराची यूनिवर्सिटी और कई दूसरे बड़े कॉलेजों को आपस में जोड़ती है और आगे जाकर मौसम विभाग की तरफ निकलती है.
इस भयानक हमले की खबर मिलते ही पाकिस्तान के सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया. तुरंत ही भारी तादाद में एक्स्ट्रा फोर्स को मौके पर रवाना किया गया. सुरक्षा बलों ने पूरे गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया है. वहाँ आने-जाने वाले रास्तों को बंद करके बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि अगर कोई हमलावर छुपा हो तो उसे पकड़ा जा सके. राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी आम नागरिक के हताहत होने की पक्की खबर नहीं है. अभी तक दुनिया के किसी भी आतंकी संगठन ने खुलकर इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
अब थोड़ा यह भी जान लेते हैं कि आखिर ये पाकिस्तान रेंजर्स क्या बला है जिन पर हमला हुआ. दरअसल, यह पाकिस्तान का एक पैरामिलिट्री फोर्स यानी अर्धसैनिक बल है. इनका मुख्य काम देश की सीमाओं की रखवाली करना, शहरों के अंदर सुरक्षा देखना और आतंकवादियों का खात्मा करना है. इसके अलावा जब भी पाकिस्तान में बड़े दंगे होते हैं, हिंसा भड़कती है या किसी वीआईपी को सुरक्षा देनी होती है, तो इसी फोर्स को आगे किया जाता है. यह बल सीधे पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के इशारे पर काम करता है, लेकिन बड़ी मुसीबतों के वक्त यह पाकिस्तानी सेना (आर्मी) के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भी मैदान में उतरता है.
पाकिस्तान रेंजर्स को काम के हिसाब से दो बड़े टुकड़ों में बांटा गया है. पहला है पंजाब रेंजर्स, जो भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पंजाब वाले हिस्से और पूरे पंजाब सूबे की निगरानी करता है. दूसरा है सिंध रेंजर्स, जो सिंध प्रांत और खासकर कराची जैसे बड़े और अशांत शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काम संभालता है. कराची में आए दिन होने वाले गैंगवार और आतंकवाद से निपटने के लिए सिंध रेंजर्स को ही तैनात किया जाता है. यही कारण है कि गुलिस्तान-ए-जौहर में बना इनका यह मुख्यालय हमेशा बेहद कड़ी सुरक्षा में रहता है, लेकिन फिर भी हमलावरों ने इसे निशाना बना लिया.
