राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT जांच का दायरा बढ़ गया है. टीम अब उन लोगों से पूछताछ कर रही है, जिन्होंने मंदिर में महंगे गहने दान किए थे. टीम ने आचार्य विनोद मिश्रा से भी पूछताछ की है.

दान चोरी मामले में जांच तेज
राम मंदिर दान चोरी मामले में लगातार जांच हो रही है. इस मामले में अब SIT जांच का दायरा बढ़ गया है. अब टीम ने गवाहों से भी पूछताछ शुरू कर दी है. टीम उन लोगों से भी पूछताछ कर रही है, जिन्होंने महंगे गहने दान किए थे. बताया जा रहा है कि 29 अक्टूबर 2025 को आचार्य विनोद मिश्रा दोपहर के समय अपने मुंबई के शिष्यों के साथ जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मंदिर पहुंचे थे.
टिन्नू यादव को दिए थे गहने
बताया जा रहा है कि आचार्य विनोद ने सभी के सामने टिन्नू यादव को गहने दिए थे. टिन्नू यादव ने गहनों को लेकर आचार्य और शिष्यों से कहा कि अगले 10 दिनों में आपको एक फोटो भेंट की जाएगी. टिन्नू ने कहा कि जिस फोटो में आप दान दे रहे हैं वह तस्वीर होगी और उसकी रसीद भी दी जाएगी. हालांकि अगले 10 दिनों में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. अब चंदा चोरी मामले के बीच आचार्य विनोद मिश्रा दोबारा से ट्रस्ट क्षेत्र में पहुंचे हैं.
ट्रस्ट में किसी ने नहीं दिया जवाब
ट्रस्ट पहुंचकर उन्होंने यह कोशिश सेवक पुरम में की है. उन्होंने जब वहां पहुंचकर उनके द्वारा दिए गए चढ़ावे के बारे में जानकारी ली, तो वहां जवाब देने के लिए कोई तैयार नहीं था. उन्हें किसी से मिले बिना ही वापस भेज दिया गया. बताया जा रहा है कि मुंबई के शिष्यों ने जो गहने बनाए थे, वे सभी भगवान राम के नाप के थे. आचार्य से टिन्नू ने कहा था कि ये गहने भगवान को पहनाए जाएंगे और उसकी तस्वीर आपको भेजी जाएगी, लेकिन 10-15 दिनों बाद ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.
आचार्य से SIT ने की पूछताछ
आचार्य विनोद मिश्रा गुहार लगाते रहे कि जो गहने उनके शिष्यों ने दिए हैं, उसकी तस्वीर दी जाए. अब इन सभी आरोपों को लेकर SIT टीम ने आचार्य विनोद मिश्रा से भी पूछताछ की है. इस दौरान आचार्य ने टीम को टिन्नू यादव से की गई सभी बातें बताई हैं. इस दौरान आचार्य ने टीम को वे डॉक्यूमेंट्स भी दिए हैं, जिनके आधार पर मुंबई से सोने के आभूषण खरीदे गए थे.
