मध्य प्रदेश की हाईकोर्ट से एक अजीब मामला सामने आया है. दरअसल, हाईकोर्ट का कहना है कि पत्नी ने पति को उकसाया था. इसी वजह से उसने तेश में आकर हत्या कर दी. इसी कारण से पति को उम्र कैद की सजा से हटाकर सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है.
यह फैसला जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अननिद्र कुमार सिंह की बेंच ने लिया है. दरअसल, पत्नी ने पति को तुम्हारे जैसे 1000 रख सकती हूं’ बोला था, जिसके बाद पति ने गुस्से में आकर पत्नी की हत्या कर दी. कोर्ट ने कहा कि यह लाइन दिखाती है कि पति की कोई वेल्यू नहीं है. यह टिप्पणी पति के साथ इंसानी अस्तित्व के लिए भी खतरा है. ट्रायल कोर्ट में पति को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.
मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाडा का है. दरअसल, 18 जुलाई को शिवा और उसकी पत्नी किरण के बीच झगड़ा हुआ था. इस लड़ाई में किरण ने 1000 पति वाली टिप्पणी कर दी थी, जिसके बाद उसने गुस्से में अपनी पत्नी के सिर पर पत्थर दे मारा. पत्नी को मारने के बाद उसने रिश्तेदार और पत्नी के परिवार वालों को मामले की जानकारी दी.
शिवा के वकील ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हाई में कोर्ट में सुनवाई की मांग की, जिसके बाद हाईकोर्ट ने सजा कम की. कोर्ट का कहना है कि आरोपी पहले से योजना बनाकर नहीं आया था बल्कि गुस्से में आपा खोकर ऐसा किया. पत्नी की टिप्पणी उकसाने वाली थी. अगर वह हत्या सोच के आता तो वहां से भाग जाता. लेकिन वहां रहा और सबको मामले की जानकारी दी. उकसावे में किए गए अपराध की सजा भी उसी श्रेणी में होनी चाहिए.
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