उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई अंतिम वोटर लिस्ट को लेकर एक नया और बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है. हाल ही में आयोग द्वारा बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर लिस्ट सामने आते ही गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं. जानकारी के मुताबिक इस लिस्ट से पूर्व केंद्रीय मंत्री और अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी का नाम भी गायब होने की खबर है, जिसे लेकर विपक्ष और स्थानीय लोगों ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया है.
स्मृति ईरानी का नाम गायब
प्रशासनिक सूत्रों और स्थानीय रिपोर्टों की मानें तो, हाल ही में चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के बाद आई इस अंतिम मतदाता सूची में जब लोगों ने अपने नामों को चेक किया, तो कई हाई-प्रोफाइल नाम लिस्ट से गायब मिले. स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों का आरोप है कि इस नई सूची में बड़े पैमाने पर धांधली और लापरवाही बरती गई है. अमेठी से गहरा नाता रखने वाली पूर्व सांसद का नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिलना अब क्षेत्र में चर्चा का विषय है.
जिंदा लोगों के नाम काटे, मृतकों के जोड़े
अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद यूपी के कई जिलों से ग्रामीणों ने बीएलओ (BLO) और स्थानीय चुनाव टीम पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतों के अनुसार, कई गांवों में ऐसे सैकड़ों लोगों के नाम सूची से साफ कर दिए गए हैं, जो पूरी तरह स्वस्थ हैं और सालों से इसी गांव में रह रहे हैं. इसके विपरीत, कई ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट में धड़ल्ले से जोड़ दिए गए हैं या बने रहने दिए गए हैं, जिनकी मृत्यु सालों पहले हो चुकी है. ग्रामीणों का कहना है कि डेटा वेरिफिकेशन की इस गंभीर लापरवाही के कारण कई पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे, जबकि फर्जी वोटिंग की गुंजाइश बढ़ सकती है.
बैकफुट पर जिला प्रशासन
मामले के तूल पकड़ते ही राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन बैकफुट पर आ गया है. अधिकारियों का कहना है कि यह एक तकनीकी त्रुटि या स्थानीय स्तर पर बीएलओ की लापरवाही का नतीजा हो सकता है. जिन बूथों और गांवों से जिंदा लोगों के नाम कटने और मृतकों के नाम जुड़े होने की शिकायतें मिल रही हैं, वहाँ तुरंत री-वेरिफिकेशन (पुनः जांच) के आदेश दे दिए गए हैं. प्रशासन का दावा है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम कटने नहीं दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
जिले के आंकड़े पर एक नजर
जिले में कुल 16,16,891 मतदाता पंचायत प्रतिनिधियों की किस्मत तय करेंगे. आंकड़ों के अनुसार 8,34,064 पुरुष और 7,82,827 महिला वोटर हैं. ब्लॉकवार देखें तो जगदीशपुर सबसे बड़ा ब्लॉक है, जहां 2,04,605 मतदाता हैं. अपर जिलाधिकारी ज्योति सिंह ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे सरकारी कार्यालयों में उपलब्ध सूची में अपना विवरण चेक कर लें. यदि किसी को अपने नाम या अन्य जानकारी में कोई त्रुटि दिखती है, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं.
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