south africa president cyril ramaphosa brics: इस खबर में जानिए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की सफल मेजबानी पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा का बड़ा बयान। समझिए कैसे भारत ने 350 बैठकों का आयोजन कर और साझा घोषणा पत्र पर सर्वसम्मति बनाकर पूरी दुनिया का दिल जीत लिया.

south africa president cyril ramaphosa brics: भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 की सफलता का डंका पूरे विश्व में बज रहा है. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने इस महासम्मेलन के शानदार आयोजन और साझा घोषणा पत्र पर सभी देशों की सहमति बनाने के लिए भारत की खुलकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि कई लोगों को यह आशंका थी कि दुनिया के इतने बड़े और अलग-अलग विचारों वाले देश किसी एक बात पर सहमत नहीं हो पाएंगे. लेकिन भारत के कुशल नेतृत्व और बेहतरीन कूटनीति की बदौलत ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों ने साझा घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया, जो अपने आप में एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि है.
आशंकाओं को दरकिनार कर पास हुआ साझा घोषणा पत्र: रामफोसा का बयान
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने दिल्ली सम्मेलन के समापन के बाद अपने बयान में कहा कि इस शिखर सम्मेलन से पहले कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों को संदेह था कि कोई साझा सहमति बन पाएगी. लेकिन ब्रिक्स के मंच पर भारत ने जिस समझदारी और संतुलन के साथ बातचीत को आगे बढ़ाया, उससे एक नया रास्ता निकला. उन्होंने कहा कि कई लोग सोच रहे थे कि घोषणा पत्र पारित नहीं हो पाएगा, पर हमने इसे पूरा करके दिखाया. इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दुनिया की बड़ी चुनौतियां आपसी बातचीत और कूटनीति से ही सुलझाई जा सकती हैं.
भारत की मेजबानी की तारीफ: शानदार व्यवस्थाओं और कूटनीति का लोहा माना
रामफोसा ने ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों को इस सफलता की बधाई दी, लेकिन भारत की मेजबानी का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी वैश्विक बैठक का आयोजन करना और दुनिया के दो दर्जन से अधिक शक्तिशाली देशों के नेताओं की मेजबानी करना कोई आसान काम नहीं होता. भारत ने जिस बेहतरीन तरीके से रहने, सुरक्षा और बातचीत की तमाम व्यवस्थाएं कीं, वह तारीफ के काबिल है. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की मेहमाननवाजी और कुशल प्रबंधन ने इस पूरे सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मिसाल बना दिया है.
30 शहरों में हुईं 350 से अधिक बैठकें: भारत के व्यापक प्रयासों की सराहना
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत द्वारा साल भर किए गए व्यापक प्रयासों की भी जमकर सराहना की. उन्होंने बताया कि भारत ने ब्रिक्स समिट की तैयारी के तहत देश के लगभग 30 अलग-अलग शहरों में करीब 350 उच्चस्तरीय बैठकों का सफल आयोजन किया. इतने बड़े पैमाने पर बैठकों का संचालन करना किसी भी देश के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होती है. भारत ने देश के कोने-कोने में इन बैठकों को आयोजित करके न केवल ब्रिक्स के एजेंडे को आगे बढ़ाया, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और आर्थिक ताकत को भी दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया.
वैश्विक तनाव के बीच भारत का बढ़ा कद: शांति और विकास पर बना रोडमैप
रामफोसा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया युद्ध, आर्थिक संकट और वैश्विक तनाव के दौर से गुजर रही है. ऐसे नाजुक मोड़ पर भारत ने विश्व शांति और आपसी सहयोग का संदेश देते हुए सभी देशों को एक मंच पर खड़ा कर दिया. शिखर सम्मेलन में आर्थिक विकास, आतंकवाद पर नकेल, पर्यावरण संरक्षण और व्यापारिक रास्तों को सुरक्षित बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस सहमति बनी. दक्षिण अफ्रीका सहित सभी सदस्य देशों ने स्वीकार किया कि भारत ने वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को बुलंद करने में सबसे अहम भूमिका निभाई है.
BRICS 2026 की सफलता: भविष्य के वैश्विक नेतृत्व के लिए भारत की मजबूत नींव
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की यह ऐतिहासिक सफलता अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत के बढ़ते वर्चस्व और ताकत को दर्शाती है. जिस तरह से भारत ने मुश्किल मुद्दों पर सर्वसम्मति कायम की, उसने साबित कर दिया कि भारत दुनिया का एक मजबूत और निष्पक्ष मध्यस्थ है. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा द्वारा की गई यह खुलकर सराहना इस बात का सबूत है कि भारत अब वैश्विक फैसलों को दिशा देने की क्षमता रखता है. इस सफल आयोजन के साथ ही भारत ने दुनिया में अपनी कूटनीतिक धाक और ज्यादा मजबूत कर ली है.
