उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोहर्रम को लेकर सुरक्षा के दृष्टिगत सख्त निर्देश जारी कर दिया है. योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारी और पुलिस की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीसी बैठक के दौरान साफ कर दिया है कि मोहर्रम मातम का अवसर है और इसे शक्ति प्रदर्शन का जरिया ना बनाया जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोई भी नई परंपरा या जुलूस स्वीकार नहीं होगा. जुलूस में अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी. तेज आवाज में बजने वाले बैंड और ढोल ताशों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी. ताजिया की ऊंचाई 10 से 12 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को बेहद कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं. शासन की ओर से साफ कर दिया गया है कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. इसी कड़ी में नेपाल सीमा से सटे महराजगंज जिले का प्रशासनिक और पुलिस अमला मुख्यमंत्री के आदेशों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हो गया है.
10 से 12 फीट से ज्यादा नहीं होगी ताजिया की ऊंचाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों और बिजली के तारों आदि से होने वाले हादसों को रोकने के लिए ताजिया की ऊंचाई 10 से 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए. सभी जिला प्रशासनों को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर पीस कमेटियों (शांति समितियों) की बैठक कर ताजिया कमेटियों को इस नियम से अवगत करा दें, ताकि ऐन वक्त पर किसी भी तरह का विवाद या अप्रिय स्थिति पैदा न हो.
अस्त्र-शस्त्र लहराने पर पूर्ण प्रतिबंध, नई परंपरा नामंजूर
राज्य सरकार ने इस बार मोहर्रम के परंपरागत जुलूसों के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र या धारदार हथियारों को लहराने और उनके प्रदर्शन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. शासन की ओर से सख्त हिदायत दी गई है कि त्योहारों के दौरान केवल उन्हीं जुलूसों या रास्तों को अनुमति मिलेगी जो पारंपरिक रूप से चले आ रहे हैं. किसी भी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की ‘नई परंपरा’ या नए रूट को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
महराजगंज जिला प्रशासन अलर्ट
मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद महराजगंज के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने जिले के सभी थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च और शांति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी. इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट या अफवाहें फैलाने वाले उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए पुलिस की एक विशेष साइबर सेल चौबीसों घंटे सक्रिय कर दी गई है. जिला प्रशासन ने नागरिकों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और त्योहार को भाईचारे के साथ मनाने की अपील की है.
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