Lucknow News :उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर हमेशा गरमाया रहता है, और हाल ही में सुभासपा के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर का एक सोशल मीडिया पोस्ट काफी चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बेहद तीखा हमला बोला है.अपने इस बयान में उन्होंने अखिलेश यादव के वंश और उनकी पार्टी के समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई बातें कही हैं.
सपा अध्यक्ष के वंश पर राजभर का सवाल
अपने बयान की शुरुआत करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने सीधे तौर पर अखिलेश यादव के वंश पर सवाल उठाए हैं.उन्होंने लिखा कि ऐसा लगता है कि अखिलेश यादव भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हो ही नहीं सकते, क्योंकि उस वंश का नाश तो गांधारी के श्राप से पहले ही हो चुका था. उन्होंने अखिलेश यादव को श्रीकृष्ण का वंशज मानने से इनकार करते हुए उन्हें और उनकी पार्टी के लोगों को कंसवंशी तक कह दिया. राजभर का यह तंज यहीं नहीं रुका, उन्होंने आगे कहा कि जब से समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में 37 सीटें जीती हैं, तब से उनके कार्यकर्ता और समर्थक मानो पागल हो चुके हैं.
‘पीडीए’ यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक मुद्दे पर भी राजभर ने कड़ा प्रहार
अखिलेश यादव द्वारा लगातार उठाए जा रहे ‘पीडीए’ यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक मुद्दे पर भी राजभर ने कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि पीडीए के नाम पर रोजाना जो नई-नई नौटंकी और ढोंग रचे जा रहे हैं, उसकी नुमाइश उनके कथित हत्यारे और गुंडे सरेआम कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने गाजीपुर की एक दर्दनाक घटना का विशेष रूप से जिक्र किया. राजभर ने आरोप लगाया कि गाजीपुर में उनकी जाति की दो मासूम बच्चियों की गलती सिर्फ इतनी थी कि वे सामंती यादवों के खेत में घास काटने चली गई थीं. उन्होंने बताया कि मृतका आंचल राजभर की उम्र महज 13 साल थी, जिसे बेरहमी से मार डाला गया, जबकि दूसरी बेटी चांदनी राजभर की उम्र सिर्फ 12 साल है और उसे भी इतना पीटा गया कि वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है.
इसके अलावा, राजभर ने अमेठी की एक अन्य वीभत्स घटना का भी उल्लेख किया.उन्होंने कहा कि उनके लोग इतने बेरहम हो चुके हैं कि अति पिछड़े समाज के एक युवक को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया गया क्योंकि उसने एक युवती से प्रेम विवाह किया था. राजभर ने सवाल उठाया कि क्या प्रेम विवाह करना कोई पाप है? उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद कश्यप समाज के उस युवक की मौत और उसकी गर्भवती पत्नी को लेकर अखिलेश यादव की जुबान से एक शब्द भी नहीं निकला. उन्होंने अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उस युवक को पहले बंधक बनाया गया, उसे तिल-तिल तड़पाया गया, उसके गुप्तांग काटे गए, आंखें नोंच ली गईं और फिर चाकू से गर्दन काट दी गई. उन्होंने समाजवादी पार्टी के समर्थकों की तुलना ‘सर तन से जुदा’ करने वालों से करते हुए कहा कि उनकी बुद्धि और भी वहशी हो चुकी है.
राजभर ने बताया अपना पता
अपने बयान के अंत में ओम प्रकाश राजभर ने सीधी चुनौती देते हुए कहा कि कंसवंशी डीएनए वाले लोग कान खोलकर सुन लें कि उनकी दुश्मनी ओम प्रकाश राजभर से है. उन्होंने अपना पता बताते हुए कहा कि वह 20 गौतमपल्ली, लखनऊ में रहते हैं और यदि उनमें दम है तो जो बिगाड़ना है बिगाड़ लें.
राजभर की चेतावनी…
राजभर ने चेतावनी दी कि यदि राजभर, निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद, कश्यप, पाल, गड़रिया, प्रजापति, कुम्हार, लोहार, नाई, धोबी, वाल्मीकि, पासी, मुसहर, विश्वकर्मा और मौर्य समेत तमाम अति पिछड़े और दलित समाज एकजुट होकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दें, तो उनकी सारी गुंडई उतरने में 10 मिनट का समय भी नहीं लगेगा. अपने इस पूरे संदेश का समापन उन्होंने ‘जय भारत’, ‘जय श्रीराम’, ‘जय श्रीकृष्ण’, ‘नमो बुद्धाय’ और ‘जय महाराजा सुहेलदेव’ के नारों के साथ किया.
