सांसद सुप्रिया सुले ने अपने भाई अजित पवार की मौत के मामले में सरकार पर निशाना साधा है. अब तक केस दर्ज न किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस जांच की स्थिति क्या है, इसकी जानकारी परिवार को भी नहीं दी जा रही है.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने अजित पवार के मामले में FIR दर्ज न होने पर प्रशासन और महाराष्ट्र की सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना कर्ता पुरुष खो दिया है, फिर भी FIR दर्ज नहीं की गई, जबकि अमित ठाकरे के खिलाफ सिर्फ दो घंटे में FIR हो जाती है.
पुलिस जांच पर भी उठाये सवाल
उन्होंने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस जांच की स्थिति क्या है, इसकी कोई जानकारी परिवार को नहीं दी जा रही है. उन्होंने सत्ताधारी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अजीत पवार गुट के 40 विधायक और 8-9 मंत्री सरकार में शामिल होकर सत्ता का सुख भोग रहे हैं, लेकिन उनमें से किसी ने भी इस FIR या जांच को लेकर एक शब्द भी नहीं बोला है.
छोटे मामलों में तेजी से कार्रवाई
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि उनके भाई की मौत के बाद उनके सहयोगी तो सत्ता का फायदा उठा रहे हैं, लेकिन परिवार को इस मामले की जांच की प्रगति या मौजूदा स्थिति के बारे में भी किसी तरह से कोई जानकारी नहीं है. सुप्रिया सुले ने कहा कि सरकार छोटे मामलों में तो तेजी से कार्रवाई करती है, लेकिन अजीत पवार की मौत जैसी गंभीर घटना की जांच और उस पर की गई कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल बने हुए हैं.
अमित ठाकरे पर 2 घंटे में FIR
NCP (SP) सांसद और वरिष्ठ नेता शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने एक सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने के मामले में अमित ठाकरे के खिलाफ दर्ज हुई FIR का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस मामले में घटना के तुरंत बाद केस दर्ज कर लिया गया था, जबकि प्लेन क्रैश में अजीत पवार की मौत के मामले में अब तक कोई भी FIR दर्ज नहीं की गई है.
प्लेन क्रैश हुई थी अजीत पवार की मौत
आपको बता दें कि महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और NCP प्रमुख अजीत पवार की मौत 28 जनवरी को एक प्लेन क्रैश में हुई थी. यह हादसा तब हुआ जब विमान बारामती एयरपोर्ट के पास लैंड कर रहा था. अजीत पवार जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बीच एक जनसभा में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे.
